Friday, May 15, 2026
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रोहतक में गैंगस्टरों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई…

  • रंगदारी मांगने वालों को पुलिस की खुली चेतावनी, या तो अपराध छोड़ो, या जेल जाने को तैयार रहो

कविता. रोहतक : कारोबारियों, डॉक्टरों, स्कूल संचालकों और कोचिंग सेंटर चलाने वालों को धमकाकर रंगदारी मांगने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ अब पुलिस ने सीधा युद्ध छेड़ दिया है। पिछले कई महीनों से शहर में अपराधियों का ऐसा नेटवर्क सक्रिय था, जो फोन कॉल, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए लोगों में डर पैदा कर मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहा था। लेकिन अब पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में दहशत फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। एसपी राज पुरोहित के सख्त तेवर सामने आने के बाद पूरे पुलिस महकमे को एक्टिव मोड में डाल दिया गया है।

जिले के सभी थाना प्रभारियों, सीआईए यूनिट और स्पेशल टीमों को साफ आदेश दिए गए हैं कि रंगदारी मांगने वाले हर चेहरे को बेनकाब किया जाए और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए। बता दें कि पिछले करीब छह महीनों में कई बड़े व्यापारियों, डॉक्टर्स, निजी स्कूल संचालकों को धमकी भरे कॉल किए गए। बदमाश खुद को बड़े गैंग से जुड़ा बताकर लोगों में ऐसा डर पैदा करते थे कि कई लोग शिकायत तक करने से घबराने लगे। कुछ मामलों में सोशल मीडिया अकाउंट्स और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश की गई। कई लोगों ने तो व्हाट्सएप चलाना भी बंद कर दिया है। फोन उठाने से भी डर लग रहा है। लेकिन अब पुलिस ने भी पूरा सिस्टम इन गैंगस्टरों के पीछे लगा दिया है। धमकी देने वाले नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है, इंटरनेट एक्टिविटी ट्रैक की जा रही है और संदिग्ध लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। साइबर टीमों को भी जांच में लगाया गया है ताकि तकनीक के सहारे अपराध करने वालों को तकनीक से ही पकड़ा जा सके।

जेल में बैठे गैंगस्टरों का नेटवर्क भी रडार पर

जेल में बंद गैंगस्टरों के संपर्क में रहने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है। पुलिस अब केवल बदमाशों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क, फंडिंग और हथियार सप्लाई सिस्टम को तोड़ने की तैयारी में है। सूत्र बताते हैं कि कई पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोली जा रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं अलग-अलग वारदातों के पीछे एक ही गैंग तो सक्रिय नहीं था। जिले में अवैध हथियारों की सप्लाई पर भी विशेष नजर रखी जा रही है और लगातार दबिश दी जा रही है।

तकनीकी जांच बनी सबसे बड़ा हथियार

पुलिस अब साइबर और तकनीकी जांच के सहारे इस नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। धमकी देने वाले मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। लोकेशन ट्रैकिंग, इंटरनेट गतिविधियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी के जरिए संदिग्ध लोगों तक पहुंच बनाई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि कई धमकी भरे संदेश बाहरी राज्यों से संचालित किए जा रहे हैं।

डरकर चुप न बैठें

पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि अगर किसी कारोबारी, डॉक्टर, स्कूल संचालक या आम नागरिक को धमकी मिलती है, तो वह डरकर चुप न बैठें। तुरंत पुलिस को सूचना दे। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत करने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

अब पुलिस का टारगेट सिर्फ गिरफ्तारी नहीं

रोहतक पुलिस इस बार केवल छोटे गुर्गों को पकड़कर कार्रवाई खत्म करने के मूड में नहीं है। जांच एजेंसियों का फोकस अब उन लोगों तक पहुंचने पर है जो गैंगस्टरों को पैसा, पनाह और संसाधन उपलब्ध कराते हैं। पुलिस मान रही है कि जब तक अपराधियों की आर्थिक ताकत नहीं तोड़ी जाएगी, तब तक रंगदारी का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

इन कारोबारियों में सबसे ज्यादा डर का माहौल

अपराधियों का मुख्य निशाना वे लोग रहे जो आर्थिक रूप से मजबूत माने जाते हैं। खास तौर पर कोचिंग सेंटर संचालक, निजी स्कूल चलाने वाले, प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोग, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और बड़े व्यापारी लगातार निशाने पर रहे। कई लोगों ने अनौपचारिक तौर पर पुलिस को धमकियों की जानकारी दी थी, लेकिन डर के कारण खुलकर शिकायत नहीं की।

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