World’s youngest serial killer : दुनिया भर में हर दिन कई अपराध होते हैं, लेकिन कुछ अपराध ऐसे होते हैं, जो लंबे समय तक लोगों के ज़हन में रहते हैं। 2007 में बिहार के बेगूसराय जिले के मुसहरी गांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने सबको हिला कर रख दिया।
इस मामले में 8 साल के एक बच्चे, अमरजीत सादा, ने तीन मासूम बच्चियों की बेरहमी से हत्या की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इन हत्याओं को अंजाम देने वाला खुद भी एक बच्चा था। इसके चलते अमरजीत को दुनिया का सबसे कम उम्र का सीरियल किलर माना गया।
घटना की शुरुआत कैसे हुई?
यह कहानी तब शुरू हुई जब 2007 में 3 साल की एक बच्ची, खुशबू, लापता हो गई। पूरे गांव ने उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार, खुशबू के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
हालांकि, शुरुआत में पुलिस ने इसे पारिवारिक रंजिश का मामला समझा। लेकिन जब खुशबू के माता-पिता ने 8 साल के अमरजीत सादा पर शक जताया, तो केस ने नया मोड़ ले लिया।
World’s youngest serial killer गुनाह का कबूलनामा
अमरजीत को जब पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया, तो उसने चौंकाने वाली बात कही। उसने कहा, “पहले बिस्किट दो, फिर बताऊंगा।” बिस्किट मिलने के बाद, उसने पुलिस को उस जगह ले जाकर दिखाया जहां खुशबू की लाश मिली थी।
इसके अलावा, अमरजीत ने यह भी कबूल किया कि उसने अपनी 6 साल की बहन और 3 महीने की चचेरी बहन की भी हत्या की थी।
क्यों किया अमरजीत ने ऐसा?
अमरजीत के अजीब व्यवहार ने पुलिस और मनोवैज्ञानिकों को हैरान कर दिया। पूछताछ के दौरान वह अपने अपराधों को कबूल करते समय मुस्कुरा रहा था। जांच के बाद विशेषज्ञों ने बताया कि उसे कंडक्ट डिसऑर्डर नामक मानसिक बीमारी थी।
कंडक्ट डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को दूसरों को दर्द देने में आनंद आता है। अमरजीत के केस में यह समस्या इतनी गंभीर थी कि उसे अपने गुनाहों पर कोई पछतावा नहीं था।
जुवेनाइल होम में भेजा गया
कानूनी तौर पर 8 साल के बच्चे को जेल नहीं भेजा जा सकता था। इसलिए, अमरजीत को जुवेनाइल होम में भेजा गया, जहां उसे 18 साल की उम्र तक रखा गया। इसके बाद उसका नाम बदलकर एक अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया।