Monday, August 3, 2026
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World Lung Cancer Day : मान सरकार ने निःशुल्क कैंसर उपचार और रोकथाम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

  • पंजाब में ’मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत फेफड़ा (लंग) कैंसर के कैशलेस उपचार का लाभ उठाने में बठिंडा, संगरूर और फरीदकोट सबसे आगे
  • भारत में सबसे कम तंबाकू सेवन वाले राज्य के रूप में पंजाब की पहचान हमारी रोकथाम संबंधी मुहिमों की सफलता का प्रमाण: डॉ. बलबीर सिंह

चंडीगढ़ : विश्व फेफड़ा (लंग) कैंसर दिवस के अवसर पर भगवंत मान सरकार ने एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण संदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति केवल इसलिए फेफड़ा कैंसर से अपनी जंग न हारे क्योंकि वह उपचार का ख़र्च वहन करने में सक्षम नहीं है। मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के माध्यम से राज्य सरकार न केवल जीवनरक्षक उपचार का ख़र्च उठा रही है, बल्कि बीमारी होने से पहले ही उसकी रोकथाम के लिए भी निवेश कर रही है।

योजना के आंकड़े इस प्रतिबद्धता को वास्तविकता में बदलते हुए दिखाई देते हैं। अब तक, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 708 फेफड़ा (लंग) कैंसर मरीज़ों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया गया है, जिस पर ₹3.43 करोड़ के दावे स्वीकृत किए जा चुके हैं। इससे सैकड़ों परिवारों को अस्पताल के बिलों की चिंता करने के बजाय मरीज़ के स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली है।

इस अवसर पर पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि फेफड़ा (लंग) कैंसर दुनिया के सबसे घातक कैंसरों में से एक है, लेकिन यह ऐसा कैंसर भी है जिसमें रोकथाम और समय पर पहचान से उपचार के परिणाम बेहतर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को उपचार की लागत की चिंता किए बिना समय पर इलाज मिल सके। हमारी ज़िम्मेदारी केवल उपचार उपलब्ध करवाने तक सीमित नहीं है। हमारा प्रयास है कि लोग समय पर अस्पताल पहुँचें और किसी भी मरीज़ तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के बीच आर्थिक तंगी कभी बाधा न बने।”

तंबाकू नियंत्रण में पंजाब की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य ने पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा, “हाल ही में, नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-6) द्वारा भारत में सबसे कम तंबाकू सेवन वाले राज्य के रूप में पंजाब की पहचान निरंतर जन-जागरूकता मुहिमों, प्रभावी तंबाकू नियंत्रण उपायों और लोगों की सक्रिय भागीदारी की सफलता का प्रमाण है। यह उपलब्धि हमारे इस विश्वास को और मज़बूत करती है कि फेफड़ा कैंसर के विरुद्ध रोकथाम ही सबसे प्रभावी हथियार है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे तंबाकू से दूर रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ और कैंसर-मुक्त, स्वस्थ पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार फेफड़ा कैंसर विश्वभर में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है और तंबाकू का सेवन इसका सबसे प्रमुख ज़ोख़िम कारक है। भारत में भी तंबाकू सेवन में वृद्धि और बीमारी की देर से पहचान के कारण इसका बोझ लगातार बढ़ रहा है; ऐसे में रोकथाम, जन-जागरूकता और समय पर जाँच पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब, से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत लाभान्वित 708 मरीज़ों में 413 पुरुष शामिल हैं, जिनके उपचार पर ₹1,89,68,865 ख़र्च किए गए, जबकि 295 महिलाओं को ₹1,53,19,215 की लागत वाला कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाया गया।

आयु वर्ग के अनुसार विश्लेषण से पता चलता है कि सबसे अधिक 286 लाभार्थी 61 से 75 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जिनके उपचार पर ₹1,34,56,310 ख़र्च किए गए। इसके बाद 46 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 247 मरीज़ों को ₹1,24,83,240 की लागत वाला उपचार मिला। योजना के तहत 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 100 मरीज़ों , 19 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 9 मरीज़ों तथा 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 2 किशोर मरीज़ों को भी सहायता मिली, जो दर्शाता है कि फेफड़ा कैंसर विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को प्रभावित कर सकता है।

जिलेवार आंकड़ों के अनुसार बठिंडा में सबसे अधिक 179 मरीज़ों को ₹1,46,02,300 की लागत वाला उपचार मिला। इसके बाद संगरूर में 163 मरीजों को ₹56,62,600 तथा फरीदकोट में 149 मरीजों को ₹37,85,760 की लागत वाला उपचार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त अमृतसर (55 मरीज़), जालंधर (42), पटियाला (20), एस.ए.एस. नगर (19), लुधियाना (11), फतेहगढ़ साहिब (1) तथा पठानकोट (1) के मरीजों ने भी योजना का लाभ उठाया। इन ज़िलों में कुल 640 लाभार्थियों को ₹3,17,04,235 की लागत का उपचार उपलब्ध करवाया गया।

डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से सभी प्रकार के तंबाकू से दूर रहने, लगातार खांसी, सीने में दर्द, बिना कारण वज़न कम होना तथा साँस लेने में तकलीफ़ जैसे चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ न करने और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर रोग की पहचान होने से मरीज़ के जीवित रहने की संभावना और उपचार की सफलता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार कैंसर की समय पर स्क्रीनिंग को मज़बूत करने, गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुँच का विस्तार करने तथा मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “योजना के तहत स्वीकृत प्रत्येक दावे के पीछे एक ऐसा मरीज़ है, जिसे जीवन का दूसरा अवसर मिला है; और एक ऐसा परिवार है, जिसे इलाज पर होने वाले भारी-भरकम ख़र्च से सुरक्षा मिली है।”

इसके अलावा, पंजाब सरकार मरीज़ों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ और कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समग्र (होलिस्टिक) उपायों को भी बढ़ावा दे रही है। कैंसर नर्सिंग (पबमेड) पत्रिका में वर्ष 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि योग में किए जाने वाले साँस संबंधी अभ्यास फेफड़ा कैंसर की सर्जरी के बाद मरीज़ों में लक्षणों को कम करने और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। पंजाब सरकार की ‘सीएम दी योगशाला’ (CMDY) पहल का उद्देश्य नियमित योग और ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर लोगों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

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