रोहतक. शांतिप्रकाश जैन : नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने शहर के विभिन्न भागों में लगभग 100 छोटे-बड़े पार्क निर्मित करवाए थे ताकि लोग प्रातः और सांय इन पार्कों में भ्रमण करके अपने स्वास्थ्य को ठीक रख सके। लेकिन इन पार्कों की दुर्दशा देखकर शहर में ही अनुमान लगाया जा सकता है कि पार्कों में सफाई व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है।
सर्दियों में लोग धूप का सेवन करने के लिए इन पार्कों में दोपहर से आकर बैठते है। अब इन पार्कों में असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर लिया है जिससे महिलाएं और युवतियां इन पार्कों में आना कम पसंद करने लगी है। यही नहीं कुछ मनचले युवक तो युवतियों पर फब्तियां कसने से नहीं चूकते हैं। पार्कों में बच्चों के लिए जो झूले व व्यायाम के लिए अन्य मशीनें लगवाई हुई है लेकिन जब कोई मशीन खराब हो जाती है तो महीनों तक वो प्रशासन ठीक नहीं करवा पाता है।
शहर के सबसे बड़े पार्क हुड्डा सेक्टर – 1 स्थित ताउ देवीलाल पार्क, नया बस अड्डा स्थित हुड्डा सिटी पार्क, दिल्ली रोड स्थित मानसरोवर पार्क, डी एल एफ स्थित डी एल एफ कॉलोनी पार्क, गोकर्ण तालाब स्थित पार्क, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड स्थित ओल्ड हाउसिंग पार्क, महावीर पार्क और छोटूराम पार्क आदि जनता कॉलोनी स्थित त्रिवेणी पार्क है। बरसात के दिनों में इन पार्कों में बरसाती पानी खड़ा हो जाता है। जिससे लोगों को भ्रमण करने में कठिनाई आती है।
शहर के इन पार्कों में नशेड़ियों और शराबियों ने एक प्रकार से कब्जा किया हुआ है। यही नहीं इन सभी पार्कों में लोग टोलियां बनाकर ताश खेलने में मस्त रहते हैं। यही नहीं कुछ चाय विक्रेता इन टोलियों को चाय पिलाने के लिए इन पार्कों में घूमते रहते है लेकिन चाय पीने के बाद चाय के डिस्पोजल वहीं फेंक देते है जो गंदगी फैलाने में सहायक सिद्ध होते है।
कुछ पार्काें के बाहर तो नगर निगम के सफाई विभाग ने कूडा करकट डालने के ढेर बना दिए है। इन ढ़ेरों से हर समय बदबू पार्क में आने वालों को सहन नहीं हो पाती और वो पार्क का भ्रमण करने से कतराते है। इन पार्कों में बने शौचालयों की सफाई व्यवस्था भी निम्न स्तर की होती है। पार्कों में लोहे के बने बैंचों की भी दशा काफी हद तक खराब हो चुकी है।
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों की मांग है कि निगम और एचएसवीपी प्रशासन को इन पार्कों के रख रखाव की तरफ विशेष ध्यान देना आवश्यकता है। स्थिति में सुधार लाने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए ताकि लोग काफी संख्या में पार्काें में भ्रमण करने आ सके और अपने स्वास्थ्य को ठीक रख सके।