कविता रोहतक : अन्नदाता की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। हरियाणा में अचानक बदले मौसम और बारिश ने धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी। वहीं अधूरे इंतजामों के कारण मंडियों प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल समेत प्रदेश की कई अनाज मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया है।
वहीं, खेतों में बारिश से बढ़ी नमी के कारण धान की कटाई का काम भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मंडियों में खुले में रखी फसल की सुरक्षा और खेतों में कटाई को लेकर किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
रोहतक मंडी में भीगा धान
वहीं रोहतक जिले में पहले ही नमी से जूझ रहे धान पर रविवार देर रात हुई बारिश ने मुसीबत बढ़ा दी। रोहतक मंडी में खुले में पड़ा धान भीगने से किसानों को अब फसल की गुणवत्ता और खरीद में देरी की चिंता सताने लगी है।
पहले से नमी की समस्या
मंडी में पहुंचा धान पहले ही नमी की समस्या से जूझ रहा था। किसानों को उम्मीद थी कि मौसम साफ रहने पर फसल सूख जाएगी और खरीद में आसानी होगी, लेकिन बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी।
खुले में भीगा धान
रविवार रात हुई बरसात से मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीग गया। अब धान को सुखाने की जरूरत पड़ सकती है, जिससे किसानों का समय और मेहनत दोनों बढ़ेंगे।
छह महीने की मेहनत पर संकट
किसानों ने फसल को बीमारी और मौसम की मार से बचाने के लिए महीनों मेहनत की। कटाई के बाद मंडी पहुंचने पर उन्हें उपज बिकने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दीं।
खरीद में देरी की आशंका
धान में नमी बढ़ने से उसकी खरीद प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को डर है कि फसल सूखने तक इंतजार करना पड़ सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक और समय संबंधी परेशानी उठानी पड़ेगी।
धान बचाने के इंतजाम जरूरी
बारिश के बाद मंडी में खुले में रखे धान की सुरक्षा अहम हो गई है। किसानों को राहत देने के लिए धान को ढकने और सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं, ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिरे।

