Wednesday, May 20, 2026
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Water Crisis : प्यासे रोहतक की कहानी, नहरों में गंदगी, घरों में चिंता

कविता रोहतक : शहर इस समय भीषण जल संकट से जूझ रहा है। शहर के पूर्व से गुजरने वाली दोनों नहरों में पानी लगभग खत्म हो चुका है। हालत यह है कि कई इलाकों में दिन में सिर्फ एक बार पानी की सप्लाई हो रही है और वह भी सीमित समय के लिए। कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा। लोग टैंकरों के सहारे गुजारा करने को मजबूर हैं।

भालौठ सब ब्रांच पूरी तरह सूख चुकी है, जबकि जवाहर लाल कनाल में बचा पानी पंपों के जरिए शहर तक पहुंचाया जा रहा है। लेकिन जिस पानी को लोग पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, उसकी हालत देखकर लोग खुद सवाल उठा रहे हैं।

नहर का पानी काला पड़ने लगा

जवाहर लाल नेहरू कनाल में पड़ा पानी अब प्रदूषित होता दिखाई दे रहा है। नहर में पूजा सामग्री, प्लास्टिक और कचरा लगातार डाला जा रहा है। कई जगह खाने-पीने का सड़ा सामान भी पानी में पड़ा दिखाई देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यही पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

कई कॉलोनियों में एक टाइम ही पानी

शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई एक बार ही हो रही है। कई घरों में पानी ऊपर तक नहीं चढ़ रहा। लोग सुबह से पानी भरने में लगे रहते हैं। टैंकरों की मांग लगातार बढ़ रही है और लोग महंगे दाम देकर पानी खरीदने को मजबूर हैं।

जगबीर मलिक, राघवेंद्र मालिक, धर्मवीर दहिया तिलक नगर

राघवेंद्र मलिक बोले, नहरों की सफाई जरूरी

पर्यावरण प्रहरी अभियान से जुड़े राघवेंद्र मलिक ने कहा कि नहरों में लगातार बढ़ रही गंदगी बेहद चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नहरों की नियमित सफाई करवाई जाए ताकि लोगों तक साफ पानी पहुंच सके।

सहदेव हुड्डा ने कहा, कचरा फेंकने वालों पर हो कार्रवाई

सहदेव हुड्डा ने कहा कि लोग बिना सोचे-समझे नहरों में पूजा सामग्री और प्लास्टिक फेंक रहे हैं। इससे पानी तेजी से खराब हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नहरों में कचरा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

धर्मवीर दहिया बोले, पानी नहीं बचाया तो हालात और बिगड़ेंगे

तिलक नगर के धर्मवीर दहिया ने कहा कि अगर अभी से पानी को बचाने और साफ रखने पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में शहर को और बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से भी जागरूक होने की अपील की।

कैप्टन जगबीर मलिक ने उठाए प्रशासन पर सवाल

कैप्टन जगबीर मलिक ने कहा कि शहर में जल संकट लगातार बढ़ रहा है, लेकिन हालात सुधारने के लिए ठोस कदम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तुरंत वैकल्पिक जल व्यवस्था और नहरों की सफाई पर काम करना चाहिए।

पर्मिला चौधरी बोलीं, लोगों को भी बदलनी होगी आदत

पर्मिला चौधरी ने कहा कि सिर्फ प्रशासन ही नहीं, आम लोगों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। जब तक लोग खुद नहरों में कचरा और पूजा सामग्री डालना बंद नहीं करेंगे, तब तक पानी को साफ रखना मुश्किल रहेगा।

क्या प्रशासन को नहीं दिख रहा बढ़ता प्रदूषण

स्थानीय लोगों का कहना है कि नहरों में लगातार कूड़ा और पूजा सामग्री फेंकी जा रही है, लेकिन रोकने के लिए कोई सख्त कदम नजर नहीं आ रहा। नहर किनारे सफाई व्यवस्था भी कमजोर दिखाई दे रही है। यदि यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन किसी बड़े संकट का इंतजार कर रहे हैं।

पानी और स्वास्थ्य दोनों संकट होंगे

रोहतक में पानी की कमी अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि बड़ा जनसंकट बनती जा रही है। सूखी नहरें, प्रदूषित पानी और सीमित सप्लाई ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब शहर के लोग पूछ रहे हैं कि आखिर रोहतक को साफ और पर्याप्त पानी कब मिलेगा। लोगों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत वैकल्पिक जल व्यवस्था, नहरों की सफाई और प्रदूषण रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। क्योंकि अगर अभी भी हालात नहीं संभाले गए, तो आने वाले दिनों में रोहतक के सामने पानी और स्वास्थ्य दोनों का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

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