Waqf Bill : केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश कर दिया। विपक्ष ने बिल पेश किए जाने का विरोध किया।
संसद में आठ घंटे इस बिल पर चर्चा होगी। एनडीए और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया। वहीं इस बिल को गुरुवार को राज्यसभा में यह को पेश किया जाएगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसदीय समिति के सुझाव के बाद कैबिनेट ने इसे स्वीकार किया। संशोधन के रूप में किरेन रिजिजू लेकर आए हैं।
वहीं इस बिल को लेकर, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने लोगों को बरगलाने का काम किया। बिल पर इतनी व्यापक चर्चा पहले कभी नहीं हुई। 96 लाख से अधिक याचिकाएं आईं। 25 राज्य सरकारों ने समिति के सामने अपनी बात रखी। कानून के जानकारों ने भी अपने सुझाव दिए।
रिजिजू ने कहा इस विधेयक का धार्मिक व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। किसी भी धार्मिक काम में सरकार की ओर किसी हस्तक्षेप की योजना नहीं है। ‘विपक्ष का मन साफ नहीं है।’
एनडीए के सहयोगी दल जैसे जेडीयू, टीडीपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास गुट) ने सरकार के समर्थन का ऐलान किया है। वहीं विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ इस बिल का कड़ा विरोध किया है। वहीं बिल पास करने के लिए 272 वोटों की जरूरत है।
वहीं इस बिल को लेकर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, इस तरह का विधेयक जिसे आप सदन में ला रहे हैं, कम से कम सदस्यों को संशोधन करने का अधिकार तो होना चाहिए। आप कानून को जबरन थोप रहे हैं। यह इस तरह का कानून है। आपको संशोधन के लिए समय देना चाहिए। संशोधन के लिए कई प्रावधान हैं। बिल्कुल भी समय नहीं है।
जानें कब-कब क्या हुआ
- वक्फ संशोधन बिल को 8 अगस्त 2024 को लोकसभा में पेश किया गया था।
- बाद में इस बिल का ड्राफ्ट संसद की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेजा गया।
- 27 जनवरी 2025 को इस ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई।
- 19 फरवरी 2025 को कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी।
- अब यह बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश