कविता.रोहतक
रोहतक में इन दिनों एक वायरल संक्रमण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर की कॉलोनियों से लेकर गांवों तक बड़ी संख्या में लोग खांसी, गले में दर्द, बुखार और बदन दर्द की शिकायत कर रहे हैं। हालात यह हैं कि कई परिवारों में एक सदस्य के बीमार पड़ने के बाद दूसरे सदस्य भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि दवाई लेने के बावजूद पूरी तरह ठीक होने में करीब एक सप्ताह से 10 दिन तक का समय लग रहा है। पीजीआईएमएस और नागरिक अस्पताल की ओपीडी में भी वायरल जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
लोगों में वायरल के लक्षण एक जैसे दिखाई दे रहे हैं। शुरुआत में सूखी या लगातार खांसी होती है। इसके बाद गले में खराश और दर्द शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे बुखार चढ़ने लगता है। इसके साथ बदन दर्द, कमजोरी और थकान की शिकायत भी सामने आ रही है। कई लोगों का कहना है कि शुरुआत में सामान्य खांसी-जुकाम समझकर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एक-दो दिन बाद बुखार और शरीर में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
एक से दूसरे तक पहुंच रहा संक्रमण
शहर में वायरल का असर इतना ज्यादा दिखाई दे रहा है कि कई इलाकों में हर चौथे-पांचवें घर में कोई न कोई व्यक्ति खांसी-बुखार से परेशान है। घर में एक व्यक्ति के बीमार होने के बाद दूसरे सदस्यों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार ज्यादा चिंतित हैं। बदलते मौसम, लोगों की भीड़ वाली जगहों पर आवाजाही और एक-दूसरे के नजदीक रहने से संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है।
पीजीआई और नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बढ़े मरीज
वायरल के लक्षणों के साथ बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पीजीआईएमएस और नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं। ओपीडी में खांसी, गले के संक्रमण, बुखार और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों की सलाह है कि लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
एक सप्ताह से 10 दिन तक ले रहा समय
वायरल संक्रमण से पीड़ित कई लोगों को सामान्य होने में एक सप्ताह से 10 दिन तक लग रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त आराम करना और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना बेहद जरूरी है। गर्म पानी, पर्याप्त तरल पदार्थ और हल्का पौष्टिक भोजन लेने से शरीर को रिकवरी में मदद मिल सकती है। बुखार या अन्य लक्षण ज्यादा होने पर डॉक्टर से जांच और उचित दवा लेना जरूरी है। हर वायरल को एक ही बीमारी मानकर खुद से दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
वायरल से बचना है तो भीड़ से दूरी
वायरल से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह-नाक को ढकना चाहिए और हाथों को बार-बार साबुन से धोना चाहिए। बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें और घर में किसी सदस्य को खांसी-बुखार है तो उसकी व्यक्तिगत चीजें अलग रखें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। मौसम में बदलाव के दौरान पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और शरीर को हाइड्रेट रखना भी जरूरी है। सबसे अहम बात यह है कि खांसी-बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें और लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।


