Wednesday, July 29, 2026
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कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

चंडीगढ़ : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में संचालित बुनियाद एवं हरियाणा सुपर-100 जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। इन्हीं सफल मॉडलों के आधार पर अब कॉलेजों एवं यूनिवर्सिटीज़ में भी इसी प्रकार की योजनाएं लागू की जाएं, ताकि अधिक से अधिक युवा स्टार्टअप संस्कृति से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें और रोजगार सृजन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

मंत्री मंगलवार को पंचकूला में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद की 5वीं बैठक में बतौर मुख्य अतिथि अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक के दौरान हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद द्वारा वाधवानी फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जो उद्यमिता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने परिषद के न्यूज़लेटर के प्रथम संस्करण, विज़न मिशन डॉक्युमेंट 2047 एवं वर्कशॉप की संक्षिप्त जानकारी पर आधारित पुस्तक का भी विधिवत विमोचन किया।

मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर एक व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक जिले में निर्धारित कार्यक्रमों के माध्यम से सुबह के समय राजकीय माध्यमिक विद्यालयों तथा दोपहर के समय राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों को इस नीति के विभिन्न आयामों से अवगत कराया जाएगा। इस अभियान में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षक भी समय-समय पर 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों से परिचित कराएं, ताकि वे उच्च शिक्षा के नवीन अवसरों और संभावनाओं को समझते हुए अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल एवं उद्यमिता की ओर प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण होनी चाहिए। इसके लिए नियमित अंतराल पर वर्कशॉप्स एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों में समयानुकूल बदलाव किए जाएं। विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएं तथा मेधावी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जाए।

इस अवसर पर प्रो. के.सी. शर्मा अध्यक्ष हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद ने परिषद के सदस्यों को अवगत करवाया कि परिषद द्वारा विभिन्न यूनिवर्सिटीज़्, एआईसीटीई, नेशनल बोर्ड ऑफ अक्रेडटैशन (एनबीए) उच्चतर शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करके अनेक कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में छात्र केंद्रित प्रावधानों को छात्रों तक पहुंचने के लिए विभिन्न विषयों पर पोस्टर तैयार करके छात्रों के निजी ईमेल पर भेजने के साथ साथ सभी यूनिवर्सिटीज़् के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया गया। भारतीय ज्ञान परंपरा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार पाठ्यक्रम में प्रभावी रूप से शामिल करने बारे कदम उठाए जा रहे हैं, स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टिट्यूट फॉर फिसकल मैनेजमेंट के सहयोग से राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकन एवं सत्यापन (एनईईवी) पोर्टल आरंभ किया गया है।

उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन में सुधार हेतु प्रदर्शन-आधारित बजटिंग का प्रस्ताव भी सरकार को प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण के सुदृढ़ीकरण हेतु एनआईटीटीआर चंडीगढ़ के विस्तार केंद्र की स्थापना के लिए समिति का गठन किया गया है।

बैठक में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के वाइस चेयरपर्सन प्रो. एसके गक्खड़, स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. आरएस राठौड़ व विभिन्न यूनिवर्सिटी के कुलपति व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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