Thursday, November 5, 2026
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दिवाली के बाजार में बदला ट्रेंड: दीयों के साथ एलईडी और मिठाई के साथ डिजिटल गिफ्टिंग की मांग

कविता.रोहतक : दिवाली की खरीदारी में पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का मिश्रण दिख रहा है। रोहतक के किला रोड, पालिका बाजार, रेलवे रोड और चमेली मार्केट में मिट्टी के दीयों के साथ एलईडी झालर, डिजाइनर लैंप और सजावटी सामान की मांग है।

मिठाई के अलावा ड्राई फ्रूट, चॉकलेट, पूजा किट और गिफ्ट हैम्पर भी ग्राहकों की पसंद में शामिल हैं। ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल गिफ्टिंग के बावजूद कीमत और गुणवत्ता जांचने के लिए ग्राहक स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं।

एलईडी सजावट की बढ़ती मांग, दीयों का महत्व कायम

दिवाली पर एलईडी झालर, डिजाइनर लैंप और रेडीमेड डेकोरेशन आइटम खरीदे जा रहे हैं। किला रोड के विक्रेता राजेश कुमार ने बताया कि ग्राहक कम बिजली खपत वाली एलईडी झालर और दोबारा इस्तेमाल होने वाले लैंप पसंद कर रहे हैं। इसके बावजूद पूजा और पारंपरिक सजावट में मिट्टी के दीयों का उपयोग जारी है। कई घरों में बाहरी सजावट के लिए एलईडी लाइट्स और पूजा स्थल पर मिट्टी के दीये लगाए जा रहे हैं।

रेडीमेड सजावटी सामान की मांग बढ़ी

बंदनवार, फूलों की लड़ियों और रंगोली के साथ रेडीमेड रंगोली स्टिकर, कृत्रिम फूल, डिजाइनर तोरण और इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामान भी बिक रहे हैं। पालिका बाजार के दुकानदार सुनील ने बताया कि ग्राहक सोशल मीडिया पर देखे गए डिजाइन और थीम के अनुसार सामान खरीद रहे हैं। इससे पारंपरिक उत्पादों के साथ आधुनिक सजावटी सामान की मांग बढ़ी है।

मिठाई के साथ ड्राई फ्रूट और गिफ्ट हैम्पर

मिठाई के साथ गिफ्टिंग के विकल्प भी बढ़े हैं। रेलवे रोड के मिठाई विक्रेता अमित वर्मा के अनुसार, ग्राहक ड्राई फ्रूट बॉक्स, चॉकलेट पैक, पूजा किट और गिफ्ट हैम्पर मांग रहे हैं। ग्राहक उत्पाद के साथ पैकिंग और प्रस्तुति पर भी ध्यान दे रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से घर बैठे खरीदारी और डिजिटल गिफ्ट भेजने की सुविधा बढ़ी है, जबकि कई ग्राहक स्थानीय बाजारों में कीमत और गुणवत्ता की तुलना कर रहे हैं।

कुम्हारों और दुकानदारों के सामने प्रतिस्पर्धा

नए उत्पादों और ऑनलाइन विकल्पों से ग्राहकों को अधिक विकल्प मिले हैं, लेकिन पारंपरिक दुकानदारों और कुम्हारों के सामने प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। चमेली मार्केट के विक्रेता दीपक ने बताया कि ग्राहक कीमत, डिजाइन और गुणवत्ता के आधार पर सामान चुन रहे हैं। कुम्हारों के लिए दिवाली बिक्री और आय का प्रमुख अवसर है, जबकि स्थानीय दुकानदारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और बड़े स्टोरों से मुकाबला करना पड़ रहा है।

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