रोहतक। रोहतक में नशे की युवाओं में बढ़ती प्रवृत्ति और सामाजिक मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए सर्व खाप की बैठक हुई। सर्व खाप कुश्ती संघ के चुनाव परिणाम के उपरांत प्रतिक्रिया स्वरूप बेटी पहलवानों के मान सम्मान में बजरंग पूनिया और गूंगा पहलवान ने पद्म श्री त्यागने की जो घोषणा की थी। उसके साहसपूर्ण कदम का जहां सम्मान और हौसला अफजाई करनी चाहिए थी। सत्ता पक्ष के नेता उसे पदम श्री का अपमान बता रहे हैं। यह बात नशे की युवाओं में बढ़ती प्रवृत्ति और तलाक से टूटते परिवार जैसे सामाजिक मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए 26 दिसंबर को सनसिटी में हुई सर्व खाप की एक मीटिंग में हुड्डा खाप के पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा ने कहीं।
उन्होंने कहा कि बेटियों के मान सम्मान को सर्वोच्च मानते हुए पदम श्री जैसे सम्माननीय पुरस्कार को त्यागने की घोषणा एक साहसपूर्ण कदम है, जो यह दिखाने का प्रयास है कि बेटियों के मान सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं है। इस साहसपूर्ण कदम से भविष्य में खिलाडी बेटियों के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का कोई साहस नहीं करेगा।
उन्होंने यह बात राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड के उस बयान पर प्रतिक्रिया स्वरूप कही कि खिलाड़ियों द्वारा त्यागने से पदम श्री पुरस्कार का अपमान हुआ है। वहीं सर्व खाप संयोजक चौधरी महेंद्र सिंह नांदल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि रामचंद्र जांगड सांसद हैं लेकिन उन्हें खिलाड़ी बेटियों के मान सम्मान और गरिमा पर जंतर मंतर पर पुलिस व्यवहार पर भी बोलना चाहिए था।
इस अवसर पर रोहतक खाप 84 प्रधान हरदीप अहलावत, नांदल खाप प्रधान डॉक्टर सुरेश नांदल, सर्वखाप संयोजक महेंद्र सिंह नांदल, हुड्डा का पूर्व प्रधान धर्मपाल हुड्डा, सर्वखाप प्रवक्ता कैप्टन जगबीर मलिक, मलिक खाप प्रतिनिधि राजवीर मलिक, देशवाल खाप प्रतिनिधि सुरेश देशवाल सहित कई खाप प्रतिनिधि उपस्थित रहे।