रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी खरीद सीजन वर्ष 2026-27 के दौरान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित खरीद प्रक्रिया उपलब्ध करवाना है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई खरीद कार्यों की समीक्षा के उपरांत उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी रबी सीजन के दौरान मंडियों में आने वाली फसलों की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी। आगामी 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से विभिन्न डिजिटल पोर्टलों एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इन सुधारों के अंतर्गत अब मंडियों में आने वाले सभी वाहनों पर वाहन नंबर स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष सभी मंडियों को जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया गया है, जिससे मंडी क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सकेगी। किसानों की आवक के लिए गेट पास अब ई-खरीद मोबाइल एप के माध्यम से जारी किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी।
उपायुक्त ने कहा कि इस वर्ष किसानों की उपज की बोली के समय “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकृत किसान अथवा उसके तीन अधिकृत प्रतिनिधियों में से किसी एक का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए सभी मंडियों में आवश्यक उपकरण एवं व्यवस्थाएं स्थापित कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया के दौरान सभी प्रकार के गेट पास एवं अन्य कार्य मोबाइल एप के माध्यम से ही संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की स्थिति एवं दिशा सही रखी जाए और उनका सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की जा सके।
उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके तहत पर्याप्त मात्रा में बारदाना (बोरियां), स्वच्छ पेयजल, बैठने की उचित व्यवस्था, साफ-सुथरे शौचालय तथा गुणवत्तापूर्ण कैंटीन सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी किसान को असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय पर दुरुस्त रखी जाएं।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने यह भी निर्देश दिए कि खरीदी गई फसलों का भुगतान समय पर और सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, प्रभावी एवं किसान हितैषी बनाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, महम के एसडीएम विपिन शर्मा, नगराधीश अंकित कुमार, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक मनीषा मेहरा, कृषि विभाग के उप निदेशक सुरेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

