कविता.रोहतक
दिल्ली रोड पर मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के सामने बन रहे अंडरपास का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। करीब छह महीने तक चलने वाले इस प्रोजेक्ट के चलते शनिवार को निर्माण के दौरान पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे आसपास की कई कॉलोनियों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई।
वहीं दूसरी ओर रूट डायवर्जन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। यहां अस्थल बोहर के लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य विकास के लिए जरूरी है, लेकिन संबंधित विभागों को नागरिक सुविधाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि पेयजल लाइन को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और दोपहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए।
अंडरपास निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन कटने से शनिवार को आसपास की कॉलोनियों में पानी नहीं पहुंच सका। कई परिवारों को घरेलू जरूरतों के लिए निजी टैंकरों और पड़ोसी क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ा। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई बाधित होना सबसे बड़ी समस्या बन गई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर कर जल्द सप्लाई बहाल की जाए।
दोपहिया चालकों की बढ़ी दूरी
अंडरपास निर्माण के कारण दिल्ली रोड का मुख्य मार्ग बंद होने से वाहनों को बाईपास के रास्ते डायवर्ट किया गया है। कार और बड़े वाहनों के लिए यह व्यवस्था किसी तरह काम कर रही है, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों को रोजाना लंबा चक्कर लगाकर ओमैक्स सिटी की ओर से दिल्ली बाईपास पहुंचना पड़ रहा है। इससे न केवल समय बढ़ रहा है बल्कि ईंधन का खर्च भी बढ़ गया है। कई लोगों का कहना है कि यदि दोपहिया वाहनों के लिए अलग लेन या अस्थायी रास्ता खोल दिया जाए तो बड़ी राहत मिल सकती है।
दुकानदारों की चिंता बढ़ी
निर्माण कार्य के चलते सड़क किनारे स्थित दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच प्रभावित हुई है। व्यापारियों का कहना है कि रूट बदलने के कारण लोगों की आवाजाही कम हुई है, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि निर्माण स्थल के आसपास बेहतर संकेतक और अस्थायी पहुंच मार्ग बनाए जाएं तो व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को सुविधा मिल सकती है।
छह महीने लंबा इंतजार, लोगों को चाहिए राहत
निर्माण एजेंसियों के अनुसार अंडरपास का काम अभी करीब छह महीने और चलेगा। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी लंबी अवधि तक सिर्फ असुविधा झेलना समाधान नहीं है। लोगों ने मांग की है कि पानी, यातायात और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए अलग हेल्पलाइन और त्वरित समाधान व्यवस्था बनाई जाए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
सुविधाएं भी रहें बरकरार
अस्थल बोहर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अंडरपास बनने से भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, इसलिए निर्माण अवधि में भी लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रशासन और ठेकेदार एजेंसी की जिम्मेदारी है।
सुबह से पानी नहीं आया। घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा था। विभाग को तुरंत पाइपलाइन ठीक कर सप्लाई बहाल करनी चाहिए। राजेश मलिक, निवासी मस्तनाथ कॉलोनी
सबसे बड़ी परेशानी
गर्मी में पानी बंद होना सबसे बड़ी परेशानी है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए।-सुमन देवी, गृहिणी

अलग रास्ता खोला जाए
पहले जहां दस मिनट में पहुंच जाते थे, अब आधा घंटा लग रहा है। पेट्रोल भी ज्यादा खर्च हो रहा है। दोपहिया वाहनों के लिए अलग रास्ता खोला जाना चाहिए।-रवि दलाल, दोपहिया वाहन चालक
राहत दे प्रशासन
रोज ऑफिस आने-जाने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। अगर छोटा रास्ता खोल दिया जाए तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।-अमित सैनी, निजी कर्मचारी
कारोबार प्रभावित हो रहा
निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन ग्राहकों की आवाजाही कम होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को व्यापारियों की समस्या भी समझनी चाहिए। -अशोक वर्मा, स्थानीय व्यापारी

