Wednesday, July 29, 2026
Homeहरियाणारोहतकनलों से कभी साफ तो कभी गंदा पानी, शहर की कई कॉलोनियों...

नलों से कभी साफ तो कभी गंदा पानी, शहर की कई कॉलोनियों में लोग परेशान

  • हरि नगर, चिन्योट कॉलोनी, पुरानी रामगोपाल कॉलोनी और माता दरवाजा क्षेत्र में दूषित जलापूर्ति की शिकायतें

कविता.रोहतक : शहर के कई इलाकों में इन दिनों पेयजल आपूर्ति लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। हरि नगर, चिन्योट कॉलोनी, रामगोपाल कॉलोनी और माता दरवाजा के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि नलों में कभी साफ तो कभी गंदा पानी आ रहा है। कई बार पानी का रंग मटमैला होता है और उसमें बदबू भी महसूस होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले कुछ दिनों से लगातार बनी हुई है। लोगों को पीने का पानी खरीदने या उबालकर इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पांच अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बातचीत में भी यही बात सामने आई कि जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो रही है।

दूषित पानी से बढ़ी बीमारी की चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में पहले ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यदि पेयजल भी दूषित मिले तो बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि कई परिवार अब पानी छानने और उबालने के बाद ही पी रहे हैं, लेकिन हर किसी के लिए ऐसा करना संभव नहीं है।

लोगों ने बताई अपनी परेशानी

हरि नगर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि सुबह पानी साफ आता है, लेकिन कुछ देर बाद मटमैला हो जाता है। चिन्योट कॉलोनी की रेखा देवी ने कहा कि पानी में बदबू भी आती है। पुरानी रामगोपाल कॉलोनी के राजेश के अनुसार कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। माता दरवाजा निवासी संतोष देवी ने कहा कि पीने के लिए बाजार से पानी मंगवाना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय निवासी विजय अरोड़ा का कहना है कि विभाग को जल्द जांच कर समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।

सीवर लीकेज या पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने की आशंका

लोगों का मानना है कि कहीं न कहीं पेयजल लाइन में लीकेज या सीवर का पानी मिलने जैसी समस्या हो सकती है। बारिश के दौरान कई जगह पाइप लाइन के आसपास पानी भर जाता है, जिससे दूषित पानी सप्लाई में मिल सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे नेटवर्क की जांच कराने और खराब पाइप लाइनों को बदलने की मांग की है।

दूषित पानी से हो सकते हैं गंभीर नुकसान

विशेषज्ञों के अनुसार गंदा पानी पीने से डायरिया, टाइफाइड, हैजा, पीलिया, पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक दूषित पानी का उपयोग करने से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर अधिक असर पड़ सकता है। ऐसे में पानी को उबालकर या फिल्टर करने के बाद ही उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है।

समाधान का इंतजार, विभाग से कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी समाधान होना चाहिए। जिन क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं वहां जलापूर्ति लाइन की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि कहीं लीकेज या सीवर कनेक्शन की समस्या है तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए।

RELATED NEWS
spot_img

Most Popular