रोहतक : मानसून के साथ डेंगू का खतरा अब तेजी से बढ़ने लगा है। जिले में सितंबर माह में अचानक डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक डेंगू के कुल 15 केस सामने आ चुके हैं। इनमें अकेले सितंबर में 10 मरीज मिले हैं। लगातार बढ़ते मामलों के बीच अब शहर में फॉगिंग का काम शुरू कर दिया गया है। आने वाले दिनों में बारिश और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डेंगू के और फैलने की आशंका जताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी और फरवरी में डेंगू का कोई केस नहीं था, जबकि मार्च में एक मामला सामने आया था। इसके बाद अप्रैल से जुलाई तक भी कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ। अगस्त में 4 केस सामने आए और सितंबर के शुरुआती 11 दिनों में ही 10 मरीज मिल चुके हैं। इस तरह जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 15 हो गई है। विभाग की रिपोर्ट में फिलहाल डेंगू से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
शहर के कई इलाकों में मिले डेंगू के मरीज
डेंगू के मरीज रोहतक शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार उत्तम विहार, सुखपुरा चौक, रोहतक-2, खेड़ी साध, सेक्टर-3, रोहतक-1, मकरौली कलां, सेक्टर-14, सैनिक कॉलोनी, कमल कॉलोनी, शीतल नगर, शोरा कोठी, मदीना गिंदराण, सुनारिया कलां और नेहरू कॉलोनी में मामले दर्ज किए गए हैं। कुल 15 मरीजों में 9 शहरी और 6 ग्रामीण क्षेत्र से हैं।
केस बढ़े तो अब शुरू हुई फॉगिंग
डेंगू के मामलों में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद अब शहर में फॉगिंग शुरू कर दी गई है। मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों और प्रभावित इलाकों में फॉगिंग पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि सवाल यह भी है कि अगर मानसून के दौरान पहले से ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा था तो फॉगिंग का अभियान डेंगू के मामले बढ़ने के बाद क्यों तेज किया गया। लोगों का कहना है कि जलभराव और खाली प्लॉटों में जमा पानी के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
2718 सैंपल लिए, आज कोई नया केस नहीं
स्वास्थ्य विभाग की 11 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार अब तक डेंगू की जांच के लिए 2718 सैंपल लिए जा चुके हैं। रिपोर्ट में 11 सितंबर को कोई नया डेंगू केस सामने नहीं आया है और अस्पताल में डेंगू के कारण कोई नया मरीज भर्ती भी नहीं हुआ। अब तक सामने आए 15 मामलों में एक मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि 14 मरीजों का इलाज ओपीडी में किया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी।
आगे खतरा और बढ़ने की आशंका
सितंबर में तापमान, उमस और बारिश का दौर मच्छरों के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों में और बढ़ोतरी की आशंका है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में भी अब डेंगू के मामलों पर लगातार निगरानी की जरूरत दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार घरों के आसपास पानी जमा न होने देना, कूलर-टंकियों की सफाई करना और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। शहर में शुरू हुई फॉगिंग के साथ अगर जलभराव वाले स्थानों पर भी प्रभावी कार्रवाई होती है तो डेंगू के बढ़ते खतरे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।


