हरियाणा के रोहतक जिले के रुड़की गांव की बेटी और भारतीय महिला मुक्केबाज प्रवीण हुड्डा ने एशियन गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 65 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। प्रवीण हुड्डा की जीत के बाद उनके माता-पिता भावुक हो गए। बेटी की उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने कहा कि उन्हें प्रवीण की मेहनत और काबिलियत पर पूरा भरोसा था और उन्हें विश्वास था कि उनकी बेटी गोल्ड मेडल जीतकर लौटेगी।
फाइनल मुकाबले में 65 किग्रा वर्ग में प्रवीण ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेलते हुए अपनी प्रतिद्वंद्वी चीन ताइपे की चेन निएन-चिन पर दबाव बनाए रखा। 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
प्रवीण की इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही रुड़की गांव सहित उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों का बधाई देने के लिए पहुंचना शुरू हो गया। परिजनों के अनुसार, प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले प्रवीण ने परिवार को पदक जीतकर लौटने का भरोसा दिया था। अब स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने परिवार का सपना पूरा किया है।
परिजनों ने कहा कि प्रवीण ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और हौसले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक से चूकने के बाद एशियन गेम्स में यह सफलता उनके लिए बेहद खास है। प्रवीण के रुड़की गांव लौटने पर ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत की तैयारी की जाएगी।

