कविता.रोहतक : बरसात का मौसम शुरू होते ही शहर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। इसके साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। सबसे अधिक प्रभावित बच्चे हो रहे हैं, जिन्हें तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और वायरल संक्रमण जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल लाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते मच्छर नियंत्रण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे मच्छरजनित रोगों के मामले भी बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर, शहर में अब तक फोगिंग अभियान शुरू नहीं होने से लोगों में चिंता बढ़ रही है।
अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की भीड़
बरसात के बाद से अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग तेज बुखार, सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कई मामलों में मरीजों को जांच कराने की सलाह दी जा रही है ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की समय पर पहचान हो सके।
बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों में बुखार के मामलों में तेजी देखी जा रही है। कई अभिभावक बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे बाल रोग विशेषज्ञों की ओपीडी पर भी दबाव बढ़ गया है।
फोगिंग शुरू नहीं होने से बढ़ रही परेशानी
नगर क्षेत्र के कई इलाकों में अब तक फोगिंग अभियान शुरू नहीं हो पाया है। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे लोगों का घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर फोगिंग और एंटी-लार्वा अभियान चलाया जाए तो मच्छरों की संख्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के मौसम में घरों और आसपास जमा पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। यदि समय रहते जलभराव की सफाई, फोगिंग और जागरूकता अभियान नहीं चलाए गए तो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इसलिए प्रशासन और आम नागरिकों, दोनों की जिम्मेदारी है कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए मिलकर प्रयास करें।
मच्छरों से बचाव के उपाय
मच्छरों से बचने के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें। शाम के समय पूरे बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं तथा घर और आसपास नियमित सफाई रखें। यदि किसी को लगातार बुखार आए तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
बुखार होने पर क्या करें
यदि तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें, आराम करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा लें। डेंगू या मलेरिया की आशंका होने पर समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

