प्रदेश में सड़कों की स्थिति को बेहतर बनाने और आमजन की शिकायतों के समाधान के लिए हरियाणा सरकार ने तकनीक को अपनाया है। कैथल डीसी अपराजिता ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘म्हारी सड़क’ एप की जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक खराब सड़कों की शिकायत सीधे सरकार तक पहुँचा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस एप को विशेष रूप से पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यदि किसी क्षेत्र की सड़क टूटी हुई है या उसमें गड्ढे हैं, तो नागरिक सड़क की लाइव फोटो एप पर अपलोड कर सकते हैं। फोटो के साथ अधिकतम 50 शब्दों में समस्या का संक्षिप्त विवरण दे सकते हैं।
एप की खास बात यह है कि इसमें प्रदेश की सभी सड़कों को संबंधित विभागों (जैसे PWD, HSVP, मार्केटिंग बोर्ड आदि) के साथ मैप किया गया है, जिससे शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुँचती है।
डीसी अपराजिता ने कहा कि इस व्यवस्था को केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके समाधान पर भी कड़ा पहरा है। शिकायत का निपटारा होने के बाद विभाग द्वारा एप पर ही समाधान की रिपोर्ट और फीडबैक अपलोड किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की एक विशेष समीक्षा टीम सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क करेगी और पूछेगी कि क्या वे समाधान से संतुष्ट हैं।
संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय
डीसी अपराजिता ने कहा कि यदि कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर सड़क चलने योग्य और सुरक्षित हो। ‘म्हारी सड़क’ एप आमजन को सशक्त बनाता है कि वे अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के संज्ञान में लाएं।
कैसे काम करता है एप?
यह एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। यहां से इसे डाउनलोड किया जा सकता है। एप को जीपीएस से जोड़ा गया है, जिससे फोटो खींचते ही सड़क की सटीक लोकेशन विभाग को मिल जाती है। एप खुद पहचान लेता है कि वह सड़क किस विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है।

