Rajasthan News: मार्बल एवं ग्रेनाईट उद्योग से संबन्धित आकड़ों को विभागीय बीफा पोर्टल पर विश्लेषण करने पर वाणिज्यिक कर विभाग ने सर्वाधिक फर्जी फर्मों के जीएसटी पंजीयन का निरस्तीकरण मार्बल सिटी किशनगढ़ में होना पाया । राज्य कर, प्रवर्तन शाखा-प्रथम के अतिरिक्त आयुक्त शालीन उपाध्याय ने बताया कि गहन विश्लेषण पर कुछ करदाता फर्मों के द्वारा असामान्य रूप से ई-वे बिलों का सृजन करना एवं उस सप्लाई एवं उसके कर को रिटर्न में घोषित तथा जमा नहीं करना पाया गया है।
इन मामलों की गहनता से जॉंच कर प्रवर्तन शाखा-प्रथम ने फर्म मैसर्स श्री श्याम स्टोनेक्स, के प्रोपराईटर दीपक कुमार सेन के व्यवसाय स्थल, निवास एवं फर्म मैसर्स गुप्ता मार्बल एण्ड ग्रेनाईट के व्यवसाय स्थल पर 3 अप्रैल को निरीक्षण किया ।
इन फर्मों के माध्यम से बिना बिलों के माल को खरीद कर श्री विकास सेन ने फर्जी बिल एवं ई-वे बिल के माध्यम से अथवा बिना बिलों के लगभग 41 करोड़ रूपये के मार्बल एवं ग्रेनाईट को विक्रय किया तथा इस विक्रय पर लगभग 7.45 करोड़ रूपये की टैक्स चोरी जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के विरूद्ध किये जाने पर प्रवर्तन शाखा-प्रथम राजस्थान, जयपुर को मुख्य आयुक्त श्री प्रकाश राजपुरोहित ने विकास सेन की गिरफ्तारी आदेश जारी किये।
जयदेव सीएस, विशेष आयुक्त के मार्गदर्शन एवं शालीन उपाध्याय, अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन), राज्य कर, प्रवर्तन शाखा-प्रथम, जयपुर के पर्यवेक्षण में भवानी शंकर जोशी, उपायुक्त, वृत-ए, प्रवर्तन शाखा-प्रथम, जयपुर के नेतृत्व में हितेन्द्र कुमार, सहायक आयुक्त ने विकास सेन को शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
इस कार्यवाही के सफल क्रियान्वयन में देशराज मीणा सहायक आयुक्त, रेणु जैन सहायक आयुक्त, विवेक कुमार आदित्य, अभिनव शर्मा, अन्नू कंवर, राज्य कर अधिकारी एवं रवि महेन्द्रा कर सहायक टीम में शामिल रहे। प्रकरण में विस्तृत जांच अभी विचाराधीन है।