अब टाटा समूह को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का बड़ा बयान आया है। राहुल गांधी का आरोप है कि टाटा समूह (Tata Group) को सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है और देश के कारोबारी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कथित अपराधों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
राहुल गांधी यह बयान ऐसे समय आया है, जब टाटा संस के नेतृत्व और टाटा ट्रस्ट्स के भीतर मतभेदों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। वहीं राहुल के बयान के बाद टाटा समूह की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा- टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है, और किसी भी कारोबारी नेता में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं है। आप कब तक चुप रहेंगे? क्या तब तक, जब तक वे आपको पूरी तरह अपने कब्जे में न ले लें? उन्होंने कहा कि भारतीय कारोबार मोदी और शाह के खिलौने नहीं हैं। आपमें हिम्मत की कमी है। हममें नहीं है। हम इन अपराधों के लिए न्याय दिलाकर रहेंगे।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने आपत्ति जताई है। चंद्रशेखरन को 5 साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर फिर से अपॉइंट करने का प्रस्ताव दिया गया है।

