हरियाणा के विकास एवं पंचायत तथा खनन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की सहायता के लिए तत्काल कदम उठाकर मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। सड़क पर हुए हादसे को देखकर मंत्री ने अपने काफिले को तुरंत रुकवाया और घायल चालक को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अपने काफिले में चल रही पायलट गाड़ी से अस्पताल भिजवाया। मंत्री की इस त्वरित पहल ने यह संदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने और जरूरत के समय उसकी सहायता करने से बढ़कर कोई दूसरा कर्तव्य नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मंत्री कृष्णलाल पंवार आज पानीपत जिले के मडलौडा स्थित अपने निवास से चरखी दादरी में आयोजित कबड्डी खेल ट्रायल कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान 152-डी पर जींद जिले के जुलाना के पास एक पिकअप गाड़ी और कैंटर के बीच टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में पिकअप गाड़ी का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक राजस्थान के पिलानी का निवासी बताया गया है।
हादसे को देखते ही मंत्री श्री कृष्णलाल पंवार ने बिना किसी देरी के अपना काफिला रुकवाया और दुर्घटनास्थल पर घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपने काफिले में चल रही पायलट गाड़ी के माध्यम से घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की, ताकि उसे जल्द से जल्द उपचार मिल सके। इस दौरान मंत्री ने प्राथमिकता घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने को दी।
मंत्री पंवार की यह पहल दर्शाती है कि जनसेवा का भाव केवल सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक दायित्वों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए मौके पर आगे आना भी सामाजिक दायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में संवेदनशीलता के साथ त्वरित निर्णय लेना घायल व्यक्ति को उपचार तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है।
मानवता और संवेदनशीलता का दिया संदेश
मंत्री कृष्णलाल पंवार की इस पहल से यह संदेश सामने आया कि सड़क पर दुर्घटना में किसी व्यक्ति को घायल देखकर उसकी मदद के लिए आगे आना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। आपात स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना और जरूरतमंद की मदद करना मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है। मंत्री ने अपने कार्य से यह उदाहरण प्रस्तुत किया कि किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा और पीड़ित की सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सड़क हादसे के समय मंत्री द्वारा अपना काफिला रुकवाकर घायल चालक को अस्पताल भिजवाने की इस पहल ने मानवीय संवेदना, तत्परता और जनसेवा के महत्व को रेखांकित किया।

