Punjab News: पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला में एक बड़ा मामला सामने आया है। महान शब्द कोष की गरिमा के उल्लंघन और उसे नष्ट करने की प्रक्रिया में लापरवाही के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में डॉ. हरिंदर पाल सिंह कालरा, प्रोफेसर इंचार्ज, प्रकाशन ब्यूरो एवं प्रेस और महेंद्र भारती, निदेशक वन, त्रिन्ह जीव जंतु उत्थान शामिल हैं।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पंजाबी भाषा और साहित्य की गरिमा के प्रतीक महान शब्द कोष को नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान नियमों और प्रोटोकॉल का पालन न करने की गंभीर शिकायतें मिली थीं। प्रारंभिक जाँच में आरोप सिद्ध होने के बाद यह कदम उठाया गया है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जाँच के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जो एक विस्तृत रिपोर्ट देगी। उसकी सिफारिशों के आधार पर अगला कदम उठाया जाएगा।
इस घटना से पंजाबी साहित्य जगत और विश्वविद्यालय के छात्रों में आक्रोश है। विद्वानों का कहना है कि महान शब्द कोष केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि पंजाबी भाषा की धरोहर है, जिसके साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
फिलहाल, दोनों अधिकारियों को उनके पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है और मामले पर कार्रवाई जारी है।