Punjab News: राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने ट्वीट किया, “अगर कोई लड़की स्कूल इसलिए नहीं जाती क्योंकि वहाँ सैनिटरी पैड नहीं हैं, पानी नहीं है और कोई प्राइवेसी नहीं है, तो यह उसकी निजी समस्या नहीं है। यह हमारी सामूहिक विफलता है। हम ऐसे देश में रहते हैं जहाँ शराब और सिगरेट खुलेआम बिकती हैं, लेकिन सैनिटरी पैड आज भी अखबार में लपेटकर दिए जाते हैं, जैसे उन्हें छिपाया जाना चाहिए। कहीं न कहीं, समाज ने एक जैविक तथ्य को सामाजिक वर्जना बना दिया है।
विज्ञान का यह विषय अब चुप्पी का विषय बन गया है। मासिक धर्म की स्वच्छता कोई दान नहीं है। यह कोई एहसान नहीं है। यह कोई गौण मुद्दा नहीं है। यह स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का विषय है। सबसे बढ़कर, यह गरिमा का विषय है। मैंने आज संसद में यह मुद्दा उठाया क्योंकि यह भारत में 35 करोड़ से अधिक महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है।
LPG Crisis : CM नायब सिंह सैनी बोले- प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
कोई भी राष्ट्र खुद को तब तक सही मायने में प्रगतिशील नहीं कह सकता, जब तक लाखों लड़कियाँ इतनी बुनियादी चीज़ के लिए डर, शर्म और चुप्पी का सामना करती रहें। प्रगति की असली कसौटी सीधी-सादी है। जिस दिन भारत की हर लड़की स्कूल जा सकेगी, गर्व से जी सकेगी और बिना किसी कलंक के इस बारे में बात कर सकेगी, वही दिन होगा जब हम सचमुच कह पाएँगे कि हमारे समाज ने प्रगति की है।”

