Punjab News: समराला नगर परिषद चुनावों के दौरान राजनीतिक माहौल तब और भी ज़्यादा गरमा गया, जब विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने मीडिया के सामने अपने जूते उतारकर एक बड़ी राजनीतिक प्रतिज्ञा ली। विधायक ने घोषणा की कि जब तक कथित तौर पर विपक्ष के कब्ज़े से 10 करोड़ रुपये की सरकारी ज़मीन खाली नहीं करवा ली जाती, तब तक वह नंगे पैर ही रहेंगे और बिना जूतों के ही चुनाव प्रचार भी करेंगे।
चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया से बात करते हुए विधायक दयालपुरा ने कहा कि वह यह प्रतिज्ञा लोगों के हित में ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेन बाईपास पर लगभग 10 करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति (ज़मीन) पर कब्ज़ा कर लिया गया है, जो कि जनहित से जुड़ा एक मामला है। उन्होंने कहा कि जब तक यह ज़मीन लोगों को वापस नहीं सौंप दी जाती, तब तक वह खुद नंगे पैर ही रहेंगे।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए दयालपुरा ने कहा कि कुछ नेता लोगों की सहानुभूति पाने के लिए नंगे पैर चुनाव प्रचार कर रहे हैं, लेकिन उनका एकमात्र मकसद राजनीतिक फ़ायदा उठाना है। उन्होंने कहा कि अगर कोई त्याग करना ही है, तो वह लोगों के हित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए होना चाहिए।
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दरअसल, यह राजनीतिक मामला तब और भी ज़्यादा गरमा गया, जब परमजीत सिंह ढिल्लों ने भी कथित राजनीतिक उत्पीड़न के विरोध में नंगे पैर चुनाव प्रचार करने की घोषणा कर दी। अकाली नेता ने कहा कि वह लोगों की अदालत में न्याय पाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।
अब दोनों ही पक्षों द्वारा “नंगे पैर चुनाव प्रचार” करने की घोषणाओं के बाद, समराला नगर परिषद के चुनाव और भी ज़्यादा दिलचस्प हो गए हैं। बाज़ारों, चौराहों और सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं, और अब लोगों की नज़रें 10 करोड़ रुपये की कथित सरकारी ज़मीन को लेकर चल रहे इस विवाद पर टिकी हुई हैं।

