Friday, May 22, 2026
Homeहरियाणारोहतकधूप बनी दुश्मन : बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर सबसे ज्यादा खतरे में

धूप बनी दुश्मन : बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर सबसे ज्यादा खतरे में

  • बढ़ती गर्मी ने बढ़ाया खतरा : अस्पतालों में बढ़े हीट स्ट्रोक के मरीज
  • पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल में रोज पहुंच रहे 20 से ज्यादा नए केस, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

कविता .रोहतक: हरियाणा में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोहतक के पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल में रोजाना 20 से ज्यादा मरीज हीट स्ट्रोक और तेज गर्मी से जुड़ी समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अस्पतालों में आने वाले मरीजों में चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, शरीर में पानी की कमी, कमजोरी और बेहोशी जैसी शिकायतें आम हैं। सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों, मजदूरों और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोगों पर देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने लोगों से दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की अपील की है।

आखिर क्या होता है हीट स्ट्रोक

हीट स्ट्रोक गर्मी से होने वाली सबसे गंभीर स्थिति मानी जाती है। जब शरीर का तापमान अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तब हीट स्ट्रोक होता है। आमतौर पर लंबे समय तक तेज धूप या गर्म वातावरण में रहने से शरीर का तापमान 104 डिग्री या उससे ज्यादा पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में दिमाग, दिल और किडनी पर भी असर पड़ सकता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

ये लक्षण दिखें तो तुरंत रहें सतर्क

पीजीआईएमएस के डॉक्टर राजेश रोहिला के अनुसार हीट स्ट्रोक के दौरान शरीर कई तरह के संकेत देता है। तेज बुखार, सिर दर्द, चक्कर आना, तेज पसीना या अचानक पसीना बंद हो जाना, सांस फूलना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी इसके मुख्य लक्षण हैं। कई मरीजों में भ्रम की स्थिति और बोलने में परेशानी भी देखने को मिलती है। ऐसे लक्षण दिखते ही मरीज को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाना जरूरी होता है।

सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को

सिविल अस्पताल के डॉ. रोहित कपूर का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग, हार्ट और बीपी के मरीज, मजदूर, खेतों में काम करने वाले किसान और सड़क पर लंबे समय तक काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। इसके अलावा जो लोग कम पानी पीते हैं या लगातार धूप में रहते हैं, उनमें हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

ऐसे करें बचाव, नहीं पड़ेगी अस्पताल जाने की नौबत

गर्मी से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करना चाहिए। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने चाहिए। खाली पेट धूप में निकलने से बचना चाहिए और बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकना चाहिए। तेज धूप में ज्यादा मेहनत करने से भी बचना जरूरी है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे हालत गंभीर हो जाती है। अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, बेहोशी या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है, लेकिन देरी खतरनाक साबित हो सकती है।

मौसम विभाग ने भी जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी।
ख़तरनाक स्तर पर गर्मी

रोहतक में गर्मी लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रही है। बीते दिनों शहर का अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने रोहतक समेत कई जिलों में हीटवेव और सीवियर हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही। आने वाले दिनों में तापमान 47 से 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। डॉक्टरों ने दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

RELATED NEWS

Most Popular