Punjab news: पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में आज दो दिन का भव्य ‘किसान मेला’ शुरू हुआ। 18 और 19 सितंबर को आयोजित होने वाले इस मेले के लिए पंजाब और पड़ोसी राज्यों से किसान आने लगे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज दोपहर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर खेत तक नहर का पानी पहुँचाने का वादा किया है और यह वादा जल्द ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि नहर के पानी से सिंचित खेतों में फसल की पैदावार बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल से पंजाब में भूजल स्तर में वृद्धि हुई है और कई इलाकों में जल स्तर एक से पाँच फीट तक बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि नहर के पानी से किसानों का खर्च कम हुआ है, क्योंकि उन्हें पानी पंप करने के लिए जनरेटर चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
मुख्यमंत्री ने किसानों को खेती की लागत कम करने और मिट्टी व फसल की जाँच के बाद ही खाद का इस्तेमाल करने की सलाह दी। भगवंत मान ने कहा कि फसल के अवशेष (पराली) जलाने के लिए अक्सर किसानों को बुरा-भला कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि जहाँ केंद्र सरकार किसानों को नोटिस जारी करने के लिए कह रही है, वहीं उनकी सरकार ऐसा नहीं करेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएँ। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार प्रोत्साहन राशि दे, तो किसान फसल के अवशेषों का सही ढंग से प्रबंधन करेंगे; उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार भी किसानों को प्रोत्साहन देगी।
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किसान यूनियनों से अपील: विरोध-प्रदर्शन से बचें
भगवंत मान ने कहा कि मेले में किसान यूनियनों के प्रतिनिधि भी मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने उनसे विरोध-प्रदर्शन न करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब आप बैठक करना चाहें तो मेरे पास आएँ। आप पहले विरोध-प्रदर्शन करते हैं और फिर कहते हैं कि बैठक करना चाहते हैं। आपको पहले आना चाहिए।”


