Saturday, February 21, 2026
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Punjab News: ई-सनद पोर्टल के ज़रिए घर बैठे मिलेंगी 27 सर्विस

Punjab news: पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने “NRI ई-सनद पोर्टल” लॉन्च किया है, जो NRI और NRI कम्युनिटी के लिए एक बड़ा कदम है। इस डिजिटल पहल के तहत, विदेश में रहने वाले पंजाबी अब 27 ज़रूरी सरकारी सर्विस ऑनलाइन इस्तेमाल कर पाएँगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल का मकसद NRI कम्युनिटी को डॉक्यूमेंट्स और एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के लिए बार-बार पंजाब आने की मजबूरी से आज़ाद करना है। यह पोर्टल खासकर कनाडा, यूनाइटेड स्टेट्स, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपियन देशों में रहने वाले उन NRI के लिए बहुत फायदेमंद होगा जो अपने होम स्टेट से जुड़े रहना चाहते हैं।

इस पोर्टल के ज़रिए, NRI अब घर बैठे बर्थ सर्टिफिकेट, डेथ सर्टिफिकेट, रेजिडेंस सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, कास्ट सर्टिफिकेट, मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और कई दूसरे डॉक्यूमेंट्स हासिल कर पाएँगे। पहले, NRI को ये डॉक्यूमेंट्स हासिल करने के लिए भारत आना पड़ता था या रिश्तेदारों के ज़रिए एक लंबे प्रोसेस से गुज़रना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। अब, ये सभी सर्विस बस कुछ क्लिक और डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद मिलेंगी। सरकार ने यह पक्का किया है कि पोर्टल यूज़र-फ्रेंडली हो और पंजाबी और इंग्लिश दोनों में उपलब्ध हो। इससे न सिर्फ़ समय और पैसा बचेगा, बल्कि ट्रांसपेरेंसी भी पक्की होगी।

पंजाब सरकार ने 2026 में NRI पंजाबियों के लिए एक खास “NRI मिलानी” ऑर्गनाइज़ करने के प्लान का भी ऐलान किया है। यह अनोखी पहल दुनिया भर में बसे पंजाबियों को एक ऐसे प्लैटफ़ॉर्म पर लाएगी जहाँ वे अपनी कल्चरल पहचान को बनाए रखते हुए राज्य के डेवलपमेंट में एक्टिवली हिस्सा ले सकेंगे। यह मिलानी विदेश में रहने वाले पंजाबियों और मातृभूमि के बीच एक मज़बूत पुल का काम करेगी। बिज़नेस, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, हेल्थ और टेक्नोलॉजी जैसे एरिया में कोलेबोरेशन के मौके तलाशे जाएँगे। सरकार का मानना ​​है कि NRI कम्युनिटी पंजाब की इकॉनमी में अहम योगदान देती है, और उन्हें सम्मान देना राज्य की ज़िम्मेदारी है।

स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, पंजाब में सबसे ज़्यादा माइग्रेशन होता है, जहाँ पंजाबी मूल के 30 लाख से ज़्यादा लोग दुनिया भर में बसे हुए हैं। ये NRI हर साल अपने परिवारों को अरबों रुपये की फॉरेन एक्सचेंज भेजते हैं, जिससे राज्य की इकॉनमिक स्थिति मज़बूत होती है। हालाँकि, एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज़ में मुश्किलों की वजह से उन्हें अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारे NRI भाई-बहन पंजाब की धड़कन हैं। उनके लिए सर्विसेज़ को आसान और आसान बनाना हमारी प्राथमिकता है। ई-सनद पोर्टल इस दिशा में एक ठोस कदम है।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भविष्य में पोर्टल में और सर्विसेज़ जोड़ने की योजना बना रही है।

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प्रवासी कल्याण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस पोर्टल के ज़रिए जल्द ही प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स, पेंशन सर्विसेज़ और लीगल सर्टिफिकेट्स को शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में तेज़ी लाने के लिए विदेशों में भारतीय दूतावासों और हाई कमीशन के साथ तालमेल किया है। डिजिटल सिग्नेचर, आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन और OTP वेरिफिकेशन जैसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पोर्टल को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया गया है। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह कदम बड़े प्रवासी समुदायों वाले दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल बन सकता है।

इस पहल का स्वागत करते हुए, कनाडा में रहने वाले जसविंदर सिंह ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। अब हमें हर छोटे काम के लिए भारत नहीं जाना पड़ेगा। पंजाब सरकार ने हमारी समस्याओं को समझा और उन्हें हल किया।” लंदन में बिज़नेस चलाने वाली हरप्रीत कौर ने कहा कि ऐसी डिजिटल सुविधाओं से बाहर रहने वाले पंजाबियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने में मदद मिलेगी। इस घोषणा से सोशल मीडिया पर NRI कम्युनिटी में भी खुशी की लहर दौड़ गई है, कई लोगों ने इसे “गेम चेंजर” और “ऐतिहासिक कदम” कहा है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक सराहनीय कोशिश है जिससे न केवल करप्शन कम होगा बल्कि सर्विसेज़ की क्वालिटी भी बेहतर होगी। टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. अमनदीप सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार की यह पहल दूर की सोचने वाली है। ऐसे पोर्टल डेवलप्ड देशों में आम हैं, लेकिन भारत में राज्य लेवल पर यह पहल शानदार है।” उन्होंने कहा कि अगर इसे ठीक से लागू किया गया, तो इससे NRI डायस्पोरा और मातृभूमि के बीच कनेक्शन और बढ़ेगा। इससे इन्वेस्टमेंट और कल्चरल एक्सचेंज भी बढ़ेगा।

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