पंजाब, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि-संबंधित व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए नए अवसरों की तलाश कर रही है। कृषि के सहायक व्यवसायों से जुड़े उत्पादों को अपने ब्रांड के तहत बाजार में बेचकर किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने अब राज्य के रेशम उत्पादों को अपने ब्रांड के तहत लाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। इतना ही नहीं, नीली क्रांति के तहत राज्य में झींगा और मछली पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसकी शुरुआत 22 सितंबर को होशियारपुर के मैगसीपा में रेशम दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान रेशम उत्पादों के लिए विभाग का लोगो जारी करके की गई है। लक्ष्य 2025 के अंत तक राज्य में रेशम उत्पादन को दोगुना करना है। गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट और रोपड़ के अर्ध-पहाड़ी जिलों के लगभग 230 गांवों में रेशम उत्पादन का अभ्यास किया जा रहा है और 1200 से 1400 रेशमकीट किसान इस पेशे में लगे हुए हैं। राज्य में मुख्य रूप से 2 प्रकार के रेशम बिवोल्टाइन शहतूत और एरी रेशम का उत्पादन किया जाता है। 1000 से 1100 औंस शहतूत रेशम बीज का पालन करके 30,000 से 35,000 किलोग्राम शहतूत रेशम (टैप) का उत्पादन किया जा रहा है और सालाना 200 औंस एरी रेशम बीज का पालन करके 5,000 से 8,000 किलोग्राम एरी रेशम (टैप) का उत्पादन किया जा रहा है।
रेशम उत्पादन के लिए बहुत अधिक श्रम की आवश्यकता होती है और तदनुसार रेशम उत्पादन करने वाले किसानों को मूल्य नहीं मिल पाता है। इसलिए, लागत कम करने के लिए सरकारी फार्मों में रेशम के बीज का उत्पादन किया जाएगा और किसानों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कोकून को संसाधित करने के लिए अपनी रीलिंग इकाइयां स्थापित करेगी ताकि रेशम उत्पादन करने वाले किसानों को उपज का अधिक मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य में कोकून से रेशम धागा बनाने के लिए पठानकोट में रीलिंग यूनिट स्थापित की गई है, जिससे रेशम उत्पादन करने वाले किसानों की आय डेढ़ से दो गुना तक बढ़ सकती है।
इसके अलावा, नीली क्रांति के तहत राज्य में झींगा और मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2023-2024 के दौरान मत्स्य पालन क्षेत्र में 1942 एकड़ की वृद्धि हुई है। राज्य में 16 मछली तालाब फार्म लोगों को मछली पालन का पेशा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गुणवत्तापूर्ण मछली तालाब उपलब्ध करा रहे हैं। पंजाब सरकार ने 450 लाभार्थियों को 25 करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर स्वरोजगार प्रदान किया है।
इसके साथ ही सरकार श्री मुक्तसर साहिब के एना खेड़ा गांव में झींगा किसानों की सुविधा के लिए प्रदर्शन फार्म-सह-प्रशिक्षण केंद्र में विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रही है। पंजाब सरकार मछली और झींगा से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं को अपनाने के लिए 40 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है।