कुरुक्षेत्र जिले के गांव रावा की गलियों में जब एक चौकन्ना, तेज-नाक वाला डॉग अपने हैंडलर के साथ दाखिल हुआ, तो हर आंख उसी पर टिक गई। यह कोई आम कुत्ता नहीं, बल्कि हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) का प्रशिक्षित नार्को डिटेक्शन डॉग “मार्शल” था, और उसका मिशन था नशे के खिलाफ जंग।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं HSNCB प्रमुख संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देशन तथा यूनिट प्रभारी निरीक्षक मांगे राम के नेतृत्व में HSNCB कुरुक्षेत्र यूनिट ने शाहबाद मारकंडा के गांव रावा में सघन तलाशी अभियान चलाया, साथ ही ग्रामीणों को नशे के विरुद्ध जागरूक भी किया।
चार पैरों वाला यह “जासूस” कैसे बनता है तस्करों का काल
निरीक्षक मांगे राम बताते हैं- “जहां इंसानी आंख चूक जाती है, वहां मार्शल की नाक काम कर जाती है।” उनके मुताबिक नार्को डॉग नशीले पदार्थों का सुराग ढूंढने का सबसे कारगर हथियार साबित होते हैं, और मार्शल की मदद से अब तक कई नशा तस्कर बेनकाब हो चुके हैं। इसी क्षमता का इस्तेमाल करते हुए टीम ने गांव रावा में घरों, दुकानों व सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की।
तलाशी के साथ-साथ जगाई जागरूकता की अलख
अभियान सिर्फ तलाशी तक सीमित नहीं रहा — टीम ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उन्हें नशे के सामाजिक व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों से भी अवगत कराया। निरीक्षक मांगे राम ने इस पर ज़ोर देते हुए कहा, “हमारा काम सिर्फ तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को नशे की दहलीज़ तक पहुंचने ही न देना है।”
निरीक्षक मांगे राम के अनुसार HSNCB की कुरुक्षेत्र यूनिट अब तक जिले में 09 मुकदमे दर्ज करा चुकी है तथा 11 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना बेझिझक ब्यूरो तक पहुंचाएं।


