Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी की चिंता फिर बढ़ा दी है। शुक्रवार को तेल कंपनियों की ओर से की गई करीब 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद हरियाणा के कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर की दहलीज के करीब पहुंच गया है, जबकि डीजल 90 रुपये पार बिक रहा है। बढ़ी कीमतों का असर अब सीधे घर के बजट, बाजार और रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है।
सुबह पेट्रोल पंपों पर नई दरें देखकर वाहन चालकों के चेहरे उतर गए। बाइक और कार चालकों का कहना है कि हर महीने बढ़ते खर्चों के बीच अब सफर करना भी महंगा पड़ने लगा है। रोहतक में पेट्रोल करीब 95.84 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि कई शहरों में कीमतें 98 रुपये के आसपास बताई जा रही हैं। डीजल की बढ़ोतरी ने मालवाहक वाहनों और किसानों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ा दी हैं।
अब सिर्फ तेल नहीं, हर चीज होगी महंगी
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से सब्जियां, फल, दूध, राशन और निर्माण सामग्री तक महंगी हो सकती है। बाजार से घर तक पहुंचने वाली हर चीज की लागत बढ़ने की आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि अगर डीजल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई की नई लहर देखने को मिल सकती है।
किसान और नौकरीपेशा सबसे ज्यादा परेशान
डीजल की कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में ट्रैक्टर, सिंचाई और मशीनों का खर्च बढ़ने से खेती की लागत पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। दूसरी ओर रोजाना दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोग भी परेशान हैं। कई परिवारों का कहना है कि पहले से बढ़ी स्कूल फीस, बिजली बिल और घरेलू खर्चों के बीच अब पेट्रोल-डीजल ने बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
पेट्रोल पंपों पर दिखी बेचैनी
कई जगहों पर लोग बढ़ी कीमतों को लेकर चर्चा करते नजर आए। वाहन चालकों का कहना है कि तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो निजी वाहन चलाना मुश्किल हो जाएगा। कुछ लोगों ने कार की बजाय बाइक और बाइक की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने की बात भी कही। हालांकि शहरों में सार्वजनिक परिवहन की सीमित व्यवस्था लोगों की मजबूरी बनी हुई है।
अभी राहत के आसार कम
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में फिलहाल लोगों को महंगे पेट्रोल-डीजल के साथ ही सफर तय करना पड़ सकता है।

