कविता : रोहतक
रोहतक जिले से सामने आए लापता लोगों के आंकड़ों ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2024 में एक साल के दौरान जिले में कुल 940 लोग लापता हैं। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से काफी ज्यादा है। वहीं 20 बच्चे भी ऐसे हैं, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
इन आंकड़ों ने न सिर्फ प्रशासन की चिंता बढ़ाई है, बल्कि आम लोगों में भी डर का माहौल बना दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर लोग कहां और कैसे गायब हो रहे हैं। क्या यह केवल घरेलू विवाद और भागने के मामले हैं या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा है। रोहतक के ये आंकड़े केवल सरकारी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उन परिवारों का दर्द हैं जो हर दिन अपने अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन लापता लोगों को ढूंढने के लिए कोई बड़ा अभियान चलाएगा या ये आंकड़े सिर्फ फाइलों में ही दबकर रह जाएंगे।
रोहतक का बड़ा सवाल, 940 लोग आखिर कहां गए
रोहतक जिले में कुल 940 लोगों के लापता होने का रिकॉर्ड सामने आया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या 18 साल से ऊपर के लोगों की है। लगातार बढ़ते मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में 358 पुरुष और 582 महिलाएं लापता हैं। महिलाओं की संख्या ज्यादा होना सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला पहलू माना जा रहा है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अभी और मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।
महिलाओं के गायब होने के आंकड़े डराने वाले
रोहतक में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के गायब होने के मामले ज्यादा हैं। रिकॉर्ड के अनुसार 578 महिलाएं 18 साल से ऊपर की हैं, जबकि 4 बच्चियां भी लापता हैं। यह आंकड़ा परिवारों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बच्चों के गायब होने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। 12 साल से कम उम्र के 5 बच्चे और 12 से 18 साल के बीच 15 किशोर-किशोरियां लापता हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि सोशल मीडिया, गलत संगत और मानव तस्करी जैसे कारण भी इन मामलों से जुड़े हो सकते हैं।
20 बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं
रोहतक में कुल 20 बच्चे लापता बताए गए हैं। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। बच्चों के गायब होने के मामलों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार सालों से अपने अपनों की तलाश में पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कई मामलों में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
पुरुष भी बड़ी संख्या में लापता
आंकड़ों के अनुसार, रोहतक से 358 पुरुष लापता हैं। इनमें 342 की उम्र 18 साल से ऊपर है। वहीं 16 बच्चे और किशोर भी शामिल हैं। सामाजिक जानकारों का मानना है कि बेरोजगारी, पारिवारिक तनाव, प्रेम संबंध, साइबर फ्रॉड और अपराधी गिरोह भी लोगों के अचानक गायब होने के पीछे कारण हो सकते हैं।
लापता लोगों का डेटा
- कुल पुरुष: 358
- 12 वर्ष से कम: 3
- 12 से 16 वर्ष: 11
- 16 से 18 वर्ष: 2
- 18 वर्ष से ऊपर: 342
कुल महिला: 582
- 12 वर्ष से कम: 2
- 12 से 16 वर्ष: 1
- 16 से 18 वर्ष: 1
- बच्चियां: 4
- 18 वर्ष से ऊपर: 578
ट्रांसजेंडर: 0
कुल लापता व्यक्ति: 940
- 12 वर्ष से कम: 5
- 12 से 16 वर्ष: 12
- 16 से 18 वर्ष: 3
- बच्चे: 20
- 18 वर्ष से ऊपर: 920

