रोहतक : सुखपुरा चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण लोगों के लिए सुविधा का रास्ता खोलने के बजाय फिलहाल गड्ढों और टूटी सड़कों का सफर बन गया है। ऊपर फ्लाईओवर का काम अधूरा पड़ा है और नीचे सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है। कहीं गहरा गड्ढा है तो कहीं टूटी सड़क पर पत्थर बिखरे हैं। बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं, क्योंकि पानी भरने से गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं देती। वाहन चालक बचने के लिए अचानक कट मारते हैं तो जाम की स्थिति बन जाती है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं।
17 मार्च 2024 को शुरू हुआ फ्लाईओवर सितंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी काम जारी है। लोगों का सवाल है कि फ्लाईओवर बनने में जितना समय लगे, कम से कम नीचे की सड़क तो चलने लायक कर दो।
गड्ढे ऐसे कि सड़क ढूंढनी पड़ रही
सुखपुरा चौक के आसपास पहुंचते ही वाहन चालकों की असली परीक्षा शुरू हो जाती है। सड़क पर बने गड्ढों से बचने के लिए कोई वाहन दाएं जाता है तो कोई बाएं। कई जगह सड़क की सतह टूट चुकी है और निर्माण सामग्री भी परेशानी बढ़ा रही है। खासकर दोपहिया वाहन चालक हर कुछ मीटर बाद रफ्तार कम करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यह रास्ता अब सामान्य सड़क कम और गड्ढों के बीच से निकलने वाला ट्रैक ज्यादा नजर आता है।
बारिश में गड्ढा कहां, सड़क कहां, पता ही नहीं चलता
सूखी सड़क पर तो किसी तरह गड्ढा देखकर वाहन चालक बच निकलते हैं, लेकिन बारिश होते ही परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। पानी भरने के बाद सड़क और गड्ढे का फर्क करना मुश्किल हो जाता है। तेज रफ्तार से आने वाला वाहन अचानक गड्ढे में उतर जाए तो संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है।
एक गड्ढे से बचो तो सामने दूसरा तैयार
सुखपुरा चौक की सड़क पर वाहन चालकों की परेशानी सिर्फ एक-दो गड्ढों तक सीमित नहीं है। सड़क पर आगे बढ़ते ही नया गड्ढा सामने आ जाता है। चालक एक गड्ढे से बचने के लिए वाहन मोड़ता है तो सामने दूसरा गड्ढा दिखाई देता है। इस वजह से ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित होती है। अचानक ब्रेक और कट लगाने से छोटे वाहनों के बीच टकराव का खतरा भी बना रहता है।
फ्लाईओवर की खुदाई का दर्द भी सड़क ही भुगत रही
फ्लाईओवर निर्माण के कारण क्षेत्र में लंबे समय से यातायात व्यवस्था प्रभावित है। निर्माण के लिए किए गए काम और लगातार आवाजाही के बीच सड़क की हालत बिगड़ती गई। लोगों की शिकायत है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग को कम से कम उन हिस्सों की नियमित मरम्मत करनी चाहिए जहां सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। फ्लाईओवर का निर्माण अपनी जगह, लेकिन लोगों को रोज इसी सड़क से गुजरना है, इसलिए अस्थायी तौर पर सड़क को सुरक्षित और समतल रखना जरूरी है।
फ्लाईओवर कब बनेगा, पता नहीं, गड्ढे अभी भरने जरूरी
फ्लाईओवर का काम कब पूरा होगा, इसे लेकर लोगों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। लेकिन सड़क की समस्या का समाधान फ्लाईओवर पूरा होने तक टाला नहीं जा सकता। स्थानीय लोगों की मांग है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ सड़क के गड्ढों को तत्काल भरा जाए और टूटे हिस्सों की मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि फ्लाईओवर बनने के बाद सुविधा मिलेगी, लेकिन तब तक रोजाना गड्ढों में सफर करने की मजबूरी क्यों। निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के साथ नीचे की सड़क को भी लोगों के लिए सुरक्षित बनाना जरूरी है।

