Saturday, April 5, 2025
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रामनवमी के मौके पर पीएम मोदी करेंगे हाई टेक पंबन ब्रिज का उद्घाटन, जानिए क्या है इस ब्रिज का धार्मिक महत्व

Pamban Bridge: रामनवमी के शुभ मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज (पंबन ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे. इस ब्रिज का तकनीकी के साथ-साथ धार्मिक, ऐतिहासिक और अध्यात्मिक महत्व भी है. रामनवमी पुष्य नक्षत्र में पीएम मोदी इस ब्रिज का उद्घाटन करेंगे. ये समय किसी भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ होता है.

Pamban Bridge: पंबन ब्रिज का क्या है ऐतिहासिक महत्व 

पंबन ब्रिज साल 1914 में बना भारत का पहला समुद्री पुल है जिसे अंग्रेजों ने निर्मित किया था. साल  1964 में चक्रवात के दौरान एक ट्रेन समुद्र में गिर गई थी. जिससे यह स्थान ऐतिहासिक रूप से चर्चित हुआ. साल 1988 तक, यही ब्रिज रामेश्वरम और मुख्य भूमि के बीच एकमात्र संपर्क मार्ग था. अन्नाई इंदिरा गांधी रोड ब्रिज बनने के बाद वाहन यातायात के लिए अलग मार्ग बना.

इस ब्रिज के नीचे कौन सा समुद्र

पंबन ब्रिज अरब सागर और बंगाल की खाड़ी को जोड़ने वाले पाक जलडमरूमध्य पर बना है. यह क्षेत्र समुद्री जैव विविधता और मछली पकड़ने के लिए भी काफी मशहूर. इसके साथ ही पंबन द्वीप और रामेश्वरम का आध्यात्मिक महत्व रामेश्वरम हिंदू धर्म में चार धामों में से एक है और भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों में से एक यहां स्थित है. पंबन द्वीप तमिलनाडु का सबसे बड़ा द्वीप है और रामायण के कई प्रसंग इससे जुड़े हुए हैं.

पंबन ब्रिज की विशेषतायें 

वर्टिकल लिफ्ट तंत्र: पुल का सबसे विशेष फीचर इसका 72 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है, जो 22 मीटर ऊपर उठता है, जिससे बड़े जहाज़ आसानी से निकल सकते हैं.

तेज़ रफ्तार क्षमता: पुराने पुल पर ट्रेनें केवल 10 किमी/घंटा की गति से चलती थीं, जबकि नया पुल 160 किमी/घंटा तक की क्षमता वाला है (फिलहाल 98 किमी/घंटा तक).

अधिक भार वहन क्षमता: 25 टन एक्सल लोड के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिससे माल और यात्रियों की आवाजाही में बढ़ोतरी होगी.

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