Wednesday, August 26, 2026
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PGIMS में न्यूक्लियर मेडिसिन को मिली नई ताकत, विधायक मनमोहन भड़ाना ने दान किए 10 अत्याधुनिक आईसीयू बेड

रोहतक : पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, (पीजीआईएमएस) के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए आने वाले कैंसर और थायराइड के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। समालखा के विधायक एवं युवा एवं खेल मामले हरियाणा सरकार के चेयरमैन मनमोहन भड़ाना ने विभाग को 10 अत्याधुनिक आईसीयू बेड दान करने की घोषणा की है। वें गुरूवार को पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का दौरा करने आए थे।

विधायक मनमोहन भड़ाना ने बताया कि उन्होंने गुरूवार को सबसे पहले कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल से उनके कार्यालय मे मुलाकात की और संस्थान द्वारा प्रदेश वासियों को उपलब्ध करवाई जा रही अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल के निर्देशन में यूएचएस नित नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने डाॅ. अग्रवाल को भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार मरीजों के हितों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जाएगी।

विधायक मनमोहन भड़ाना ने कहा कि मरीज की सेवा ही नारायण सेवा है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे छोटे से प्रयास से किसी की जिंदगी बचती है या किसी परिवार का दर्द कम होता है तो इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं।

कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने विधायक मनमोहन भड़ाना का मरीजों के हित में दिए गए इस योगदान के लिए तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन बेड्स के आने से हाई-डोज रेडिएशन थेरेपी कराने वाले गंभीर मरीजों को इलाज के साथ-साथ रिकवरी के दौरान भी विश्वस्तरीय सुविधा मिल सकेगी।

डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि भड़ाना जी ने 10 आईसीयू बेड दान कर मानवता की मिसाल पेश की है। यह दान केवल बेड का दान नहीं, बल्कि जिंदगी का दान है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इनके इस कदम से समाज के अन्य सक्षम लोग और एनजीओ भी प्रेरणा लेंगे और मरीजों के हित के लिए आगे आएंगे। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि विधायक भडाना द्वारा अंगदान करने वाले युवक के परिजनों का 500000 लाख रुपए देने की घोषणा करने पर भी वें उनका धन्यवाद व्यक्त करते हैं।

पीजीआईएमएस के निदेशक डॉक्टर एस के सिंघल ने बताया कि न्यूक्लियर मेडिसिन थेरेपी कैंसर, थायराइड कैंसर, बोन पेन पैलिएशन और ग्रेव्स डिजीज जैसी बीमारियों के इलाज की एक बेहद सटीक और प्रभावी पद्धति है। इसमें रेडियोएक्टिव दवाओं के जरिए सीधे बीमारी वाली कोशिकाओं पर असर किया जाता है, जिससे स्वस्थ अंगों को नुकसान नहीं पहुंचता और साइड इफेक्ट भी कीमोथेरेपी की तुलना में काफी कम होते हैं।

न्यूक्लियर मेडिसिन विभागाध्यक्ष डाॅ. रोहित ने बताया कि विधायक जी द्वारा दान दिए जाने वाले 10 नए बेड में से 5 बेड हाई-डोज वार्ड में लगाए जाएंगे, 3 बेड रिकवरी रूम के लिए और 2 बेड लो-डोज आयोडीन थेरेपी रूम में लगेंगे। इससे हमारी बेड क्षमता तीन गुना हो जाएगी और मरीजों को वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि गामा कैमरा की स्थापना और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड की मंजूरी के बाद विभाग सभी अत्याधुनिक थेरेपी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इससे प्रदेश के मरीजों को दिल्ली-चंडीगढ़ के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और यहीं पर सस्ता व सटीक इलाज मिल सकेगा।

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