- मानसून का महीना बीतने को, अच्छी वर्षा नहीं होने से सिंचाई खर्च बढ़ा*
- किसान बोले- अब हर बादल पर टिकी उम्मीद
कविता.रोहतक : मानसून को रोहतक पहुंचे करीब एक महीना होने वाला है, लेकिन जिले के अधिकांश हिस्सों में अब तक ऐसी बारिश नहीं हुई है, जिससे खरीफ फसलों को पर्याप्त लाभ मिल सके। सबसे ज्यादा चिंता धान की फसल को लेकर है, क्योंकि इस समय उसे लगातार पानी की जरूरत होती है।
खेतों में नमी कम होने लगी है और किसानों को ट्यूबवेल के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे खेती का खर्च बढ़ गया है, जबकि जिन किसानों के पास सिंचाई के सीमित साधन हैं, उनकी परेशानी और अधिक बढ़ गई है। मौसम कई बार बदला, बादल भी छाए, लेकिन उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई।
धान की बढ़वार पर पड़ने लगा असर
धान ऐसी फसल है जिसे शुरुआती बढ़वार के दौरान लगातार नमी और पर्याप्त पानी चाहिए। लंबे समय तक अच्छी बारिश नहीं होने से पौधों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी अच्छी वर्षा नहीं हुई तो पौधों का विकास धीमा पड़ सकता है और उत्पादन पर भी असर दिखाई देगा।
रोपाई पूरी, अब पानी सबसे बड़ी जरूरत
जिले में अधिकांश किसानों ने धान की रोपाई पूरी कर ली है। अब फसल को नियमित पानी की आवश्यकता है ताकि पौधे अच्छी तरह विकसित हो सकें। कई किसानों ने बारिश की उम्मीद में सिंचाई रोक रखी थी, लेकिन मौसम साथ नहीं देने से अब उन्हें ट्यूबवेल चलाने पड़ रहे हैं। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ने लगा है।
बढ़ती लागत ने किसानों की चिंता बढ़ाई
बारिश नहीं होने का सीधा असर खेती की लागत पर पड़ रहा है। जहां सामान्य परिस्थितियों में वर्षा से सिंचाई का खर्च कम हो जाता है, वहीं इस बार किसानों को बार-बार ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है। जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर पहले से नीचे है, वहां पर्याप्त सिंचाई करना भी चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो उत्पादन लागत और बढ़ जाएगी।
बादल आते हैं, उम्मीद जगाते हैं और लौट जाते हैं
मंगलवार को दिनभर कई बार मौसम ने करवट ली। आसमान में घने बादल छाए और कई इलाकों में लोगों को तेज बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन बादल बिना बरसे आगे निकल गए। कुछ स्थानों पर हल्की फुहार जरूर पड़ी, लेकिन उससे खेतों की नमी या उमस में कोई खास फर्क नहीं पड़ा। किसान अब हर नए मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश से पहले जलभराव रोकने की तैयारी
एक ओर किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं प्रशासन ने संभावित तेज वर्षा को देखते हुए जल निकासी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने अधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। कच्चा बेरी रोड, माल गोदाम रोड, छोटूराम चौक सहित संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा की गई है, जबकि गांवों में पंचायतों को तालाबों से पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि बारिश होने पर फसलों और आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या न बने।


