- प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने उन्नत ग्रेड हासिल कर बदली पहचान, अब कॉलेजों को उत्कृष्ट बनाने की तैयारी
- डिग्री कॉलेज के प्राचार्यों की कार्यशाला आयोजित कर उन्हें रैंकिंग प्राप्त करने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
- संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए मानक स्थापित कर रही है। कभी नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल) की रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर देशभर में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। अब योगी सरकार का अगला लक्ष्य प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाना है। इसके लिए डिग्री कॉलेज के प्राचार्यों की कार्यशाला का आयोजन कर उन्हें रैंकिंग प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब सरकार का फोकस केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें उन्हें बताया जा रहा है कि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाकर किस प्रकार रैंकिंग हासिल की जा सकती है।
छात्रों की संख्या वृद्धि पर भी फोकस
उन्होंने कहा कि कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का भी अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उत्कृष्टता की नई श्रेणियों में स्थान बना रहे विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार आने से पहले उत्तर प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक ही सीमित थे और प्रदेश का कोई भी विश्वविद्यालय ए या उससे ऊपर की श्रेणी में नहीं था। मंत्री ने बताया कि राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता सुधार, शोध, डिजिटल संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था और अकादमिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। इसका परिणाम यह हुआ कि आज उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां बी ग्रेड को उपलब्धि माना जाता था, आज प्रदेश के विश्वविद्यालय उत्कृष्टता की नई श्रेणियों में स्थान बना रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी दर्ज हो रही यूपी की उपस्थिति
यही नहीं, उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय अब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग का नाम तक सुनाई नहीं देता था, लेकिन अब प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हो चुके हैं, जबकि छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।

