Friday, May 1, 2026
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मंत्री राव नरबीर सिंह के सख्त निर्देश : सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्रवाई में बड़े स्टॉकिस्टों को करें टारगेट, छोटे दुकानदारों पर न हो फोकस 

हरियाणा के पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश में वायु व जल प्रदूषण नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, सीईटीपी/ईटीपी की स्थिति, हरित क्षेत्र विकास तथा विभिन्न पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े एजेंडा बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करते हुए आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधीर राजपाल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(पीसीबी) के चेयरमैन जे.गणेशन, सदस्य सचिव योगेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जा रही कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छोटे रिटेल दुकानदारों पर फोकस करने की बजाय मुख्य स्टॉकिस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बाजार में इसकी उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बैठक में पीसीबी अधिकारियों ने 15 दिसंबर 2025 से 15 अप्रैल 2026 के बीच चलाए गए विशेष चालान अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में लगभग 6863 चालान किए गए, जिनमें 60,86,750 रुपये का जुर्माना लगाया गया तथा करीब 5800 किलोग्राम प्लास्टिक जब्त कर नष्ट कराया गया।

पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि 500 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल वाली जिन साइट्स पर निर्माण कार्य चल रहा है और जिन्होंने डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, उनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर चालान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जो साइट्स पंजीकृत हैं लेकिन निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहीं, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में एसीएस सुधीर राजपाल ने कहा कि गुरुग्राम में संचालित करीब 400 निर्माण साइट्स पर अगले 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से कवरिंग सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित के खिलाफ चालान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक साइट पर प्रभावी बैरिकेडिंग हो, ताकि शहर में धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ गुरुग्राम एक मॉडल शहर के रूप में नजर आए।

सड़क धूल प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्त कदम, मैकेनाइज्ड सफाई और स्प्रिंकलिंग पर जोर

बैठक में पीसीबी के अधिकारियों ने बताया सड़क धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनसीआर के नगर निगमों में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां वर्तमान में 56 मशीनें कार्यरत हैं और इस वर्ष 91 नई मशीनें खरीदने की योजना है। इसके अलावा 60 एंटी-स्मॉग गन तथा 160 वाटर स्प्रिंकलर का उपयोग नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे धूल को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य ने सीआरआरआई के साथ रैम्स स्थापित करने के लिए समझौता भी किया है। साथ ही सिटी एक्शन प्लान के तहत डस्ट-फ्री सड़कों का विकास किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत एनसीआर क्षेत्र में 1203 किलोमीटर सड़कों की पहचान की गई है, जिनमें से 119 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास वर्ष 2026 की पहली तिमाही में किया जा चुका है।

2027 तक नालों के बीओडी स्तर घटाने का लक्ष्य, उद्योगों पर सख्त निगरानी के निर्देश

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 31 दिसंबर 2027 तक नालों के बीओडी स्तर को 10 एमजी/से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों द्वारा बाईपास या टैंकरों के माध्यम से अपशिष्ट निस्तारण पर रोक लगाने के लिए सरप्राइज निरीक्षण टीमें गठित कर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही उन्होंने ईटीपी, सीईटीपी और एसटीपी पर रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमडी) को और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

बंधवाड़ी लैंडफिल, आरएमसी प्लांट्स व बूचड़खानों पर सख्ती के निर्देश, सिटी एक्शन प्लान की भी समीक्षा

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने बैठक में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर लिगेसी वेस्ट के निस्तारण, आरएमसी प्लांट्स के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई तथा बूचड़खानों में पर्यावरण मानकों की पालना को लेकर विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही गुरुग्राम के एनुअल सिटी लेवल एक्शन प्लान की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान में तेजी लाई जाए, नियमों का उल्लंघन करने वाले आरएमसी प्लांट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बूचड़खानों में पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

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