रोहतक : प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए मातृशक्ति उद्यमिता योजना शुरू की है, जिसके तहत बैंकों के माध्यम से 3 लाख रुपये तक ऋण दिलवाने की व्यवस्था की गई है। यह ऋण ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा आदि गतिविधियों के लिए प्रदान किया जायेगा। सरकार द्वारा ऐसी महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण/ड्राइविंग लाइसेंस व ब्याज पर छूट देते हुए आसान किश्तों पर ऋण दिया जायेगा।
उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि अ बताया कि इस योजना का क्रियान्वयन हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के तहत जिला में 2024-25 के तहत 30 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत 5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय तथा हरियाणा की स्थाई निवासी महिला योजना के लिए पात्र होंगी। ऋण के लिए आवेदन के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा आवेदक पहले से लिये गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत समय पर किश्त का भुगतान करने पर 3 वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि सरकार द्वारा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जायेगी।
योजना के तहत इन व्यवसायों के लिए मिल सकता है ऋण
अजय कुमार ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक पात्र महिलाएं स्थानीय जिला विकास भवन के कमरा संख्या 224-25 स्थित हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं तथा कार्यालय के दूरभाष 01262-250164 पर किसी भी कार्य दिवस में सुबह 9 बजे से सांय 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित दस्तावेज
अजय कुमार ने बताया कि उपरोक्त योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करवाने होंगे। इन दस्तावेजों में आवेदन पत्र, 8वीं कक्षा की अंक तालिका, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, ट्रेनिंग प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र आदि शामिल है तथा आवेदक के पास उपरोक्त सभी दस्तावेेजों की दो-दो कॉपी होनी चाहिए।