मुरैना (मध्य प्रदेश) : भारत में वर्तमान समय में एलपीजी और पेट्रोल की बढ़ती मांग तथा आयात पर निर्भरता के बीच एक अहम विकल्प सामने आया है। स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी HOMRE लिमिटेड ने मध्य प्रदेश के मुरैना में 5 टन प्रति घंटा (TPH) क्षमता वाला एक अत्याधुनिक और पूरी तरह से ऑटोमेटेड बायोमास पेलेट उत्पादन प्लांट स्थापित करने की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट भारत में बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण हो सकता है।
यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता, दक्षता और निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी। इस यूनिट का उत्पादन कार्य वित्त वर्ष 2026-27 के मध्य तक शुरू होने की संभावना है, जो कंपनी की विस्तार रणनीति का हिस्सा है।
वहीं इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की परियोजनाओं को बड़े स्तर पर अपनाया जाता है, तो भारत की विदेशी तेल आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
क्षेत्रीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुरैना में बनने वाला यह प्लांट न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इसके अलावा, यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास और बायोमास सप्लाई चेन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
जानें- बायोमास पेलेट क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?
बायोमास पेलेट एक पर्यावरण अनुकूल ईंधन है, जिसे कृषि अवशेष जैसे पराली, लकड़ी का बुरादा (सॉडस्ट) और अन्य जैविक सामग्री से बनाया जाता है। यह पारंपरिक ईंधनों जैसे कोयला और फर्नेस ऑयल का एक बेहतर विकल्प है।

