Wednesday, May 27, 2026
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प्रदेशभर में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, मंत्री रणबीर गंगवा ने दिए निर्देश

  • पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर 2 एसडीओ और 2 जेई सस्पेंड, 2 अधिकारियों को किया चार्जशीट
  • पानी की बर्बादी रोकने, जल संरक्षण बढ़ाने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर सरकार का विशेष फोकस
  • जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने और फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश

हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने गर्मी के इस मौसम में पेयजल की सुचारु सप्लाई को लेकर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर कर दिया है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण सीजन में आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें, शिकायतों का त्वरित समाधान करें तथा जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित रखें।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि गर्मी का अगला महीना भी विभाग के लिए सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होता हैं। ऐसे समय में विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।

जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री गंगवा ने बुधवार को विभागीय के अधिकारियों के साथ पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जल निकासी तथा फ्लड सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की है। बैठक में प्रदेश के सभी सर्कलों की पेयजल व्यवस्था की अलग-अलग समीक्षा की गई तथा उन क्षेत्रों की विशेष रूप से चर्चा की गई जहां से पेयजल संकट की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। इस दौरान मुख्य अभियंता देवेंद्र दाहिमा सहित विभिन्न सर्कलों के अभियंता उपस्थित रहे, जबकि सभी सर्कलों के अंतर्गत आने वाले अधीक्षण अभियंता (एसई) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक के दौरान मंत्री रणबीर गंगवा ने पेयजल व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 2 एसडीओ और 2 जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इनमें चरखी दादरी तथा हांसी क्षेत्र के अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आदमपुर के 2 अधिकारियों को चार्जशीट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि आमजन को यदि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान होना पड़ता है तो यह बेहद गंभीर विषय है और ऐसी लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

हांसी के चानौत गांव मामले में भी कार्रवाई

हांसी के चानौत गांव में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने और अधिकारियों से मिली रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने संबंधित एसडीओ और जेई को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि वहां के जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा समस्या समाधान में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

आदमपुर जलघर मामले में जवाब तलब

बैठक में हिसार जिला के आदमपुर जलघर की बदहाल स्थिति तथा वहां पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्याओं पर भी संज्ञान लिया गया। मंत्री ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एसडीओ और जेई को चार्जशीट कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलघरों की नियमित साफ-सफाई, मशीनों का रखरखाव, मोटरों की कार्यशील स्थिति तथा पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

फील्ड में रहकर करें काम, खराबी पर तुरंत लें एक्शन

जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कार्य न करें बल्कि गांवों और शहरों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी ट्यूबवेल, मोटर, पाइपलाइन, बूस्टिंग स्टेशन या जलघर में खराबी आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मरम्मत कार्य में देरी के कारण यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान

जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री गंगवा ने बैठक के दौरान जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। विभागीय कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करें और जहां पानी की अनावश्यक बर्बादी होती दिखाई दे वहां नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल की सप्लाई आने पर कई स्थानों पर लोगों के घरों से व्यर्थ पानी बह रहा होता है, इस प्रकार की लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की बर्बादी किसी सूरत में नहीं होनी चाहिए।

जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने पर जताई नाराजगी

बैठक में मंत्री ने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा यह शिकायत दी है कि विभाग के कुछ अधिकारी उनके फोन नहीं उठाते और समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाते। इस पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के फोन हर हाल में रिसीव करें और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें।

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