Tuesday, September 15, 2026
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बैंकर्स को निर्देश : विभिन्न विभागों द्वारा प्रायोजित ऋण के लंबित आवेदनों का 30 सितंबर तक करें निपटारा

रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि वे कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने सरकार द्वारा किसानों की आय को बढ़ाने के लक्ष्य को दोहराते हुए पात्र किसानों को कृषि ऋण का वितरण शीघ्र करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक क्षेत्र एवं कृषि ऋण के संदर्भ में बैंकर्स को पात्र आवेदकों को ज्यादा मात्रा में वित्तीय सहायता प्रदान करने को कहा ताकि इन श्रेणियों में ऋण अनुपात को बढाया जाए, जिससे सम्बंधित लाभार्थियों की आय में बढ़ोतरी हो सके व ऐसे लोगों विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक/ जिला स्तरीय परामर्शदात्री बैठक/ जिला स्तरीय सुरक्षा समिति की तिमाही बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बैंकों में जमा ऋण अनुपात 60 प्रतिशत के न्यूनतम लक्ष्य के बदले 64 प्रतिशत की उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया। ऋण वितरण योजना में जिला की उपलब्धियों, जिसमे मुख्यत: प्राथमिकता क्षेत्र का कुल ऋण से अनुपात क्रमश: 40 प्रतिशत न्यूनतम लक्ष्य के बदले 56 प्रतिशत की उपलब्धि होने पर संतोष व्यक्त किया, वहीं कृषि ऋण का कुल ऋण से अनुपात 18 प्रतिशत के न्यूनतम लक्ष्य के बदले 18 प्रतिशत की ही होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता हेतु छोटे छोटे वीडियो के माध्यम से ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिये।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने वार्षिक ऋण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 की जून 2025 तिमाही के लिए कृषि क्षेत्र के ऋण संवितरण लक्ष्य 838 करोड़ के सामने 977 करोड़ की प्राप्ति, जो कि 116 प्रतिशत रहा, वहीं प्राथमिकता क्षेत्र में 2518 करोड़ के सामने 4478 करोड़ एवं एम एस एम ई श्रेणी के तहत ऋण संवितरण लक्ष्य 1400 करोड़ के सामने 3350 करोड़, जो कि क्रमश: 178 प्रतिशत व 239 प्रतिशत की प्राप्ति पर सभी बैंक कर्मियों के कार्य की सराहना भी की। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा प्रायोजित स्कीमों के तहत प्राप्त ऋण लंबित आवेदनों को 30 सितंबर तक निपटाने के निर्देश दिए।
एएसपी वाईवीआर शशी शेखर ने सभी को साइबर धोखाधड़ी के बारे में बताते हुए ट्रांजेक्शन आईपी, सीसीटीवी फुटेज, बैंक खाता विवरण एवं केवाईसी डॉक्यूमेंट्स आदि को पुलिस द्वारा मांगने पर शीघ्र ही उपलब्ध करवा कर सहयोग करने को कहा। आरबीआई चंडीगढ़ के एलडीओ कंवल कृष्ण ने सभी बैंकों को वित वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत आवंटित लक्ष्यों को पूरा करने हेतु आवश्यक कदम उठाने को कहा। साथ ही उन्होंने भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे 3 माह के वित्तीय समावेशन के संतृप्त अभियान में वित्तीय सेवा प्रभाग के पोर्टल पर एलडीएम के माध्यम से डाटा अपडेशन करने के लिए कहा। एजीएम नाबार्ड ने कृषि ऋण बढ़ाने के लिए टर्म ऋण अधिक देने हेतु सुझाव दिया।
एलडीएम महावीर प्रसाद ने सभी बैंकर्स की तरफ से बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन कर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति का आश्वासन दिया एवं बैठक में भाग लेने वाले सभी प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। बैठक में आरबीआई चंडीगढ़ के एलडीओ कंवल कृष्ण, नाबार्ड के एजीएम मोहित यादव, आरसेटी के निदेशक मंजीत सिंह, आरएएआईएफ की सुश्री हर्षिका अग्रवाल एवं एलडीएम महावीर प्रसाद सहित सभी बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

आरसेटी की मदद से पूनम व सुमन आर्थिक रूप से हुई आत्मनिर्भर

आरसेटी द्वारा स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक व्यक्तियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है। आरसेटी की मदद से बखेता निवासी पूनम पत्नी पवन कुमार तथा इस्माइला निवासी सुमन ने स्वरोजगार शुरू कर अपनी आमदनी को बढ़ाने में सफलता हासिल की। बखेता निवासी पूनम ने बताया कि वे अपने पति पवन कुमार के साथ कंपनी में काम करते है। उनकी सेलरी मात्र रुपए 10 हजार ही थी, जिसके कारण हमारा घर खर्च मुश्किल से चल पाता था। वे कुछ काम धन्धा करने की सोच रही थी। एक दिन उन्हें एक जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की ओर से ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण बारे जानकारी प्राप्त हुई। इस प्रशिक्षण में बताया गया कि पंजाब नेशनल बैंक द्वारा निशुल्क मदद की जा रही है। उन्होंने विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग में से खिलौने बनाने की ट्रैनिंग लेने का फैसला किया। मंजू मैडम ने हमें कई तरह के खिलौने बनाने सिखाए, मैने अपने घर पर ही एक छोटी सी दुकान सें काम शुरू किया और अब मैने अपनी दुकान को बढ़ा लिया है। मैने यह ट्रैनिंग जनवरी में पूरी की थी और अब मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ और आत्मनिर्भर हूँ। आज मेरी महीने की कमाई लगभग 30 हजार रुपए हैं।
इसी तरह जिला के गांव इस्माइला की सुमन ने भी गांव में आयोजित जागरूकता कैंप में जाने का मौका मिला, वहां उनकी मुलाकात पिंकी से हुई। पिंकी ने बताया कि खरावड़  गांव में एक सेंटर है, जहां पर कई प्रकार प्रशिक्षण निशुल्क दिया जा रहा है। सुमन ने ब्यूटी पार्लर में रजिस्ट्रेशन करवा लिया और उसके बाद प्रशिक्षण शुरू हुआ। सुमन ने खरावड़ आरसेटी में जाकर पूरा एक महिना ब्यूटी पार्लर का काम सीखा और उसके बाद अपना काम शुरू किया।  अब सुमन का ब्यूटी पार्लर का काम बहुत अच्छा चल रहा है। सुमन अब ब्यूटी पार्लर से प्रति महीना 15 हजार से 20 हजार रुपए तक कमाकर अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है। पूनम व सुमन ने अपनी इस उपलब्धि के लिए में पंजाब नेशनल बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान का आभार व्यक्त किया है।
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