Kangana Ranaut : जावेद अख्तर और कंगना रनौत के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कोर्ट ने मध्यस्थता का विकल्प दिया है। दोनों पक्षों के बीच बैठक 21 जनवरी 2025 को आयोजित की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि इस बातचीत से मामला सफलतापूर्वक सुलझाया जा सकेगा।
Kangana Ranaut प्रक्रिया पर सहमति
हाल ही में, सांसद कंगना रनौत और गीतकार जावेद अख्तर ने अदालत से इस विवाद को आपसी बातचीत के जरिए निपटाने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने उनकी इस अपील को स्वीकार कर लिया है। अब दोनों कलाकार अपनी कानूनी टीम की मदद से एक समाधान तक पहुंचने की कोशिश करेंगे।
Kangana Ranaut विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद करीब 5 साल पहले शुरू हुआ, जब जावेद अख्तर ने कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2020 में एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कंगना ने उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे। इसके बाद जावेद अख्तर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत कंगना के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
इस मामले की शुरुआत अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई थी, लेकिन कंगना के सांसद बनने के बाद इसे बांद्रा के स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।
समझौते की कोशिशें और कानूनी दांवपेंच
हालांकि, दोनों पक्षों के वकीलों ने कोर्ट में आपसी समझौते की बात कही थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। 9 दिसंबर 2024 को इस मामले की सुनवाई स्पेशल मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई, जहां किसी जज की मध्यस्थता से मामला सुलझाने का सुझाव दिया गया।
इस बीच, मुंबई पुलिस ने कंगना को मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। हालांकि, वह पेश नहीं हो सकीं, जिसके बाद उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया। कंगना ने मामले को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
क्या आगे समझौता मुमकिन है?
मध्यस्थता की प्रक्रिया में 21 जनवरी 2025 को दोनों पक्षों की बैठक होने जा रही है। इस बैठक में, जावेद अख्तर और कंगना रनौत अपने वकीलों के साथ शामिल होंगे। उम्मीद की जा रही है कि बातचीत से विवाद को सुलझाने का रास्ता निकल सकेगा।