Thursday, July 2, 2026
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Income Tax पोर्टल की सुस्त रफ्तार से बढ़ी मुश्किलें: रिटर्न भरने से लेकर वेरीफिकेशन तक हर कदम पर अटक रहे करदाता

  • AIS, TIS और 26AS में देरी, OTP भी बना सिरदर्द
  • कर विशेषज्ञ बोले- समय रहते सुधरे सिस्टम

कविता. रोहतक: आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होते ही एक बार फिर आयकर विभाग का ई-फाइलिंग पोर्टल सवालों के घेरे में आ गया है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि पोर्टल की धीमी गति और लगातार आ रही तकनीकी खामियों के कारण करदाता और टैक्स प्रोफेशनल दोनों परेशान हैं। रिटर्न तैयार करने से लेकर उसे अपलोड करने और वेरीफाई करने तक हर चरण में जरूरत से ज्यादा समय लग रहा है। कई बार पोर्टल बीच में ही रुक जाता है या क्रैश हो जाता है, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ती है।

वेतनभोगी आयकरदाताओं के लिए समय पर रिटर्न दाखिल करना और उसका वेरीफिकेशन करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी कारण से रिटर्न का सत्यापन समय पर नहीं हो पाता तो विभाग उसे इनवेलिड मान सकता है। ऐसी स्थिति में करदाता का रिफंड रुक सकता है और भविष्य में विभाग की ओर से नोटिस भी जारी हो सकता है।

OTP बना नई परेशानी

रिटर्न वेरीफाई करने के दौरान आधार से जुड़ा ओटीपी मोबाइल पर तो समय पर पहुंच जाता है, लेकिन उसे पोर्टल पर दर्ज करने के बाद कई बार सिस्टम उसे इनवेलिड बता देता है। इससे वेरीफिकेशन अधूरा रह जाता है और करदाता को दोबारा पूरी प्रक्रिया करनी पड़ती है।

AIS, TIS और 26AS में भी आ रहीं दिक्कतें

कर विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में AIS, TIS और 26AS डाउनलोड नहीं हो रहे हैं। जहां डाउनलोड हो रहे हैं, वहां भी कई बार पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं मिल रही। सही विवरण नहीं मिलने से रिटर्न तैयार करने में परेशानी बढ़ रही है और बार-बार पोर्टल पर लॉगिन करना पड़ रहा है।

जुलाई से पहले पूरी जानकारी मिलना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि टीडीएस रिटर्न जमा होने के बाद ही उसकी पूरी एंट्री AIS और TIS में दिखाई देती है। फिलहाल कई करदाताओं का डेटा पूरी तरह अपडेट नहीं हुआ है, जिससे सही आयकर रिटर्न तैयार करने में अतिरिक्त समय लग रहा है।

पिछले साल भी उठाया था मुद्दा

आयकर एवं जीएसटी अधिवक्ता अशोक जांगड़ा ने बताया कि पिछले वर्ष भी पोर्टल की धीमी गति और तकनीकी खामियों की जानकारी विभाग को दी गई थी। इसके बावजूद इस बार भी वही समस्याएं सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सर्वर क्षमता और तकनीकी व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो रिटर्न दाखिल करने के अंतिम दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों ने की यह मांग

अधिवक्ता अशोक जांगड़ा, दिनेश गोस्वामी, अजय कुमार जांगड़ा, दीपक कुमार, रमेश शर्मा और सीए निखिल तंवर सहित अन्य कर विशेषज्ञों ने मांग की है कि आयकर विभाग अपने पोर्टल को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करे, सर्वर क्षमता बढ़ाए और तकनीकी खामियों को जल्द दूर करे, ताकि करदाता, कर सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट बिना किसी परेशानी के समय पर आयकर रिटर्न दाखिल कर सकें।

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