Wednesday, May 6, 2026
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करोड़ों की अवैध संपत्ति कुर्क : रोहतक में नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा तथा प्रतिबंधित दवाएं बिक्री करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ एन-कोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2026 से 29 अप्रैल 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 36 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 66 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 09 वाणिज्यिक श्रेणी के मामलों में 17 तस्करों को जेल भेजा गया है, जो पुलिस की प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष यादव, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, सांपला के उपमंडलाधीश अंकिता पुवार, रोहतक के उपमंडलाधीश आशीष कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि इस अवधि के दौरान पुलिस द्वारा भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिनमें 5.452 किलोग्राम अफीम, 25.233 किलोग्राम चरस, 733.730 किलोग्राम चूरा पोस्त, 249 ग्राम हेरोइन, 1.346 किलोग्राम गांजा तथा 1.32 ग्राम एमडीएमए शामिल हैं। विशेष रूप से मार्च माह में 20 किलोग्राम से अधिक हेरोइन एवं 631 किलोग्राम से अधिक चूरा पोस्त की बरामदगी तस्करों के नेटवर्क पर बड़ी चोट है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि नशा तस्करों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 45 संपत्ति अटैचमेंट प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनके अंतर्गत 7.16 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया गया है। वर्ष 2026 में ही 37.70 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजे गए 09 प्रस्तावों में से 06 डिटेंशन आदेश जारी हो चुके हैं।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि पुलिस द्वारा जिला के 10 प्रमुख नशा आपूर्तिकर्ताओं की पहचान की गई है, जो मुख्य रूप से खोखराकोट, करतारपुरा, कच्ची गढ़ी एवं इन्द्रगढ़ क्षेत्रों में सक्रिय हैं। नशा तस्करी के प्रमुख मार्गों केएमपी-केजीपी एक्सप्रेसवे, 152-डी एक्सप्रेस वे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि नशीले पदार्थ ओडिशा, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश (मलाना/काशोल) तथा दिल्ली (उत्तम नगर/नजफगढ़) से लाए जा रहे हैं।
सचिन गुप्ता ने कहा कि प्रशासन द्वारा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए गांव एवं वार्ड स्तर पर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिला के कुल 147 गांवों में से 60 गांवों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा 22 वार्डों की 82 कॉलोनियों को भी नशा मुक्त बनाया गया है। नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उपचार के लिए भेजा जा रहा है तथा नशा तस्करों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने आमजन का आह्वान करते हुए कहा कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन या पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से ही इस सामाजिक बुराई का पूर्ण उन्मूलन संभव है।
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