Friday, October 30, 2026
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अधिकारी हो तो ऐसा! IAS सुशील सारवान ने स्वयं गाड़ी चलाकर सेवानिवृत्त कर्मचारी को घर तक पहुंचाया

चंडीगढ़ : विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान, IAS ने अपनी सादगी, विनम्रता और मानवीय संवेदनशीलता का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए HRDF बोर्ड में कार्यरत चालक यब्बू प्रसाद पांडे को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर स्वयं गाड़ी चलाकर उनके घर तक पहुँचाया तथा उन्हें भावी जीवन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

यब्बू प्रसाद पांडे ने 28 अप्रैल 1993 को हरियाणा सरकार में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं तथा 31 अक्टूबर 2026 को 33 वर्ष 6 माह की लंबी, संतोषजनक एवं समर्पित सेवाओं के उपरांत सेवानिवृत्त हुए। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न पदों एवं कार्यालयों में कार्य करते हुए अनेक वरिष्ठ IAS अधिकारियों, मुख्य सचिवों, अतिरिक्त मुख्य सचिवों तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त किया।

अपने विदाई संदेश में पांडे ने उन वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, सहयोग और सान्निध्य में उन्हें कार्य करने तथा बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला।

पांडे ने अपने भावुक विदाई संदेश में कहा कि उनके लिए यह नौकरी केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इस दौरान उन्हें अनेक अच्छे अधिकारियों एवं सहकर्मियों के साथ कार्य करने, उनसे सीखने और जीवनभर याद रहने वाले अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने अपने सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं साथियों का हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि भले ही आज वे अपनी जिम्मेदारियों से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके साथ बने रिश्ते कभी सेवानिवृत्त नहीं होंगे।

इस अवसर पर निदेशक सुशील सारवान द्वारा स्वयं वाहन चलाकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को उसके घर तक छोड़ना केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि कर्मचारी के प्रति सम्मान, अपनत्व और संवेदनशीलता की एक असाधारण अभिव्यक्ति है। उनका यह व्यवहार दर्शाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था में पद और पदनाम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मानवीय मूल्य, आपसी सम्मान और कर्मचारियों के प्रति संवेदना होती है।

सुशील सारवान की इस आत्मीय पहल की अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच विशेष सराहना हो रही है। उनका यह व्यवहार न केवल अधीनस्थ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने वाला है, बल्कि सरकारी कार्यसंस्कृति में सकारात्मकता, विश्वास और पारस्परिक सम्मान को भी प्रोत्साहित करता है।

वास्तव में, किसी अधिकारी की महानता केवल उसके प्रशासनिक निर्णयों और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और अपने साथ कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को दिए जाने वाले सम्मान से भी परिलक्षित होती है।

निदेशक महोदय ने अपने इस सहज एवं प्रेरणादायी कार्य से यह संदेश दिया है कि सच्ची महानता पद में नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यवहार और दूसरों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता की भावना में निहित होती है।

विभाग की ओर से यब्बू प्रसाद पांडे की 33 वर्ष 6 माह की समर्पित सेवाओं के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद, शांतिपूर्ण एवं मंगलमय सेवानिवृत्त जीवन की कामना की गई।

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