Friday, October 30, 2026
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दिवाली में 9 दिन बाकी: रोहतक में पटाखों की बिक्री पर प्रशासन की चुप्पी! 

कविता.रोहतक: दिवाली का त्योहार नजदीक है और अब केवल 9 दिन शेष हैं, लेकिन पटाखों की बिक्री को लेकर जिला प्रशासन ने अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है। पटाखे बेचने के लिए जगह कहां निर्धारित होगी, दुकानदारों को लाइसेंस कैसे और कब मिलेंगे, बिक्री के लिए क्या नियम होंगे, इन सवालों पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। दूसरी ओर, पटाखा कारोबार से जुड़े व्यापारी प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

वहीं शहर की गलियों में पटाखों की बिक्री शुरू हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अधिकृत बिक्री को लेकर अभी कोई व्यवस्था स्पष्ट नहीं है तो गलियों में खुलेआम पटाखे कैसे बिक रहे हैं और जिम्मेदार विभागों का इस ओर ध्यान क्यों नहीं है।

व्यापारी असमंजस में, कब शुरू होगी लाइसेंस प्रक्रिया

पटाखों का कारोबार करने वाले व्यापारियों के सामने इस बार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दिवाली में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से न तो बिक्री स्थलों की जानकारी दी गई है और न ही लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने आए हैं। व्यापारियों को समझ नहीं आ रहा कि वे अपनी तैयारी कैसे करें। लाइसेंस के लिए आवेदन कब होंगे, कितने लाइसेंस जारी किए जाएंगे और किन शर्तों के तहत बिक्री की अनुमति मिलेगी, इन सभी सवालों के जवाब का इंतजार है।

बिक्री के लिए जगह तय नहीं, कहां लगेंगी दुकानें

हर साल पटाखों की बिक्री के लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थानों पर अस्थायी दुकानें लगाने की व्यवस्था की जाती है। इसके लिए सुरक्षा और आगजनी से बचाव के इंतजाम भी जरूरी होते हैं। लेकिन इस बार अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि शहर में पटाखों की दुकानें कहां लगेंगी। जगह निर्धारित नहीं होने से व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से समय रहते स्थानों की घोषणा और जरूरी व्यवस्थाएं नहीं की गईं तो आखिरी समय में अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।

गली-मोहल्लों में शुरू हो गई पटाखों की बिक्री

एक तरफ अधिकृत बिक्री को लेकर प्रशासन की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है, वहीं दूसरी ओर शहर के गली-मोहल्लों में पटाखे बिकने शुरू हो गए हैं। कई जगह दुकानों और अस्थायी ठिकानों पर पटाखों की बिक्री हो रही है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि इन विक्रेताओं के पास जरूरी अनुमति और लाइसेंस हैं या नहीं। रिहायशी इलाकों में पटाखों का भंडारण और बिक्री आगजनी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ा सकती है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में प्रभावी निगरानी नजर नहीं आ रही।

आखिरी समय में जागेगा प्रशासन या अभी होगी कार्रवाई

दिवाली पर पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सबसे अहम होती है। इसके लिए लाइसेंस जारी करने से लेकर दुकानों के स्थान, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों तक की व्यवस्था पहले से करना जरूरी है। लेकिन फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं होने और गलियों में बिक्री शुरू होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक बिक्री स्थलों और लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर फैसला लेता है और बिना अनुमति पटाखे बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए क्या कदम उठाता है।

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