रोहतक : इन दिनों आम आदमी की रसोई पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। पिछले करीब 10 दिनों में टमाटर के दाम में करीब 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। 10 दिन पहले 40 रुपये किलो के आसपास बिक रहा टमाटर अब 55 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
वहीं प्याज भी 50 से 55 रुपये किलो से बढ़कर 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। चीनी के दाम पहले ही लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के लगातार बढ़ते दामों ने गृहणियों का रसोई बजट बिगाड़ दिया है।
दस दिन में टमाटर के दाम में 20 रुपये तक उछाल
टमाटर के दामों में अचानक आई तेजी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 10 दिन पहले बाजार में टमाटर 40 रुपये किलो के आसपास मिल रहा था, लेकिन अब इसकी कीमत 55 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है। यानी महज कुछ दिनों में ही टमाटर करीब 15 से 20 रुपये किलो महंगा हो गया। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि आवक और मंडी के भाव में बदलाव का असर खुदरा बाजार पर दिखाई दे रहा है। टमाटर रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जी है, इसलिए इसके दाम बढ़ने का सीधा असर हर घर के बजट पर पड़ रहा है।
प्याज भी हुआ महंगा, 70 रुपये किलो तक पहुंचा
टमाटर के साथ प्याज ने भी रसोई का जायका महंगा कर दिया है। करीब 10 दिन पहले 50 से 55 रुपये किलो बिक रहा प्याज अब 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। प्याज की कीमत में भी करीब 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। सब्जी बनाने से लेकर तड़का लगाने तक प्याज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कीमत बढ़ने से परिवारों को या तो प्याज की मात्रा कम करनी पड़ रही है या फिर महीने के बजट में दूसरी जरूरतों पर कटौती करनी पड़ रही है।
चीनी पहले ही महंगी, अब सब्जियों ने बढ़ाई परेशानी
आम आदमी के लिए परेशानी सिर्फ टमाटर और प्याज तक सीमित नहीं है। चीनी के दाम पहले ही ऊंचे स्तर पर हैं। अब रोजमर्रा की सब्जियों में शामिल टमाटर और प्याज के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। महीने की शुरुआत में राशन और सब्जियों के लिए तय रकम अब पहले की तुलना में जल्दी खत्म हो रही है। गृहणियों का कहना है कि दूध, तेल, मसाले और अन्य जरूरी सामान के दामों के बीच सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने रसोई का हिसाब-किताब बिगाड़ दिया है।
महिलाओं ने कहा- हर बार बाजार जाते हैं तो बढ़ा हुआ रेट मिलता है
गृहणियों का कहना है कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर घर चलाने वाली महिलाओं को महसूस हो रहा है। सुनीता ने कहा कि पहले 40 रुपये किलो के आसपास टमाटर मिल जाता था, अब 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। कविता ने बताया कि प्याज के दाम भी अचानक बढ़ गए हैं और सब्जियों का खर्च हर सप्ताह बढ़ता जा रहा है। पूजा का कहना है कि पहले जितने पैसों में हफ्ते भर की सब्जियां आ जाती थीं, अब उसी रकम में कम सामान मिल रहा है। वहीं रीना ने कहा कि चीनी और दूसरी जरूरत की चीजें पहले ही महंगी हैं, अब प्याज-टमाटर ने रसोई का बजट और बिगाड़ दिया है।
थाली का स्वाद भी महंगा, आम आदमी को राहत का इंतजार
टमाटर और प्याज के बढ़ते दामों का असर सीधे आम आदमी की थाली पर दिखाई दे रहा है। सब्जी, दाल और अन्य खाद्य सामग्री तैयार करने की लागत बढ़ने से घर का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आय सीमित है, जबकि रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोग कीमतों में राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में सब्जियों के भाव कब सामान्य होंगे, इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इतना तय है कि महंगाई की यह मार इस समय आम आदमी की रसोई पर साफ दिखाई दे रही है।


