कविता.रोहतक : मानसून के बीच रोहतक में डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। डेंगू के अचानक चार नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग की 7 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक डेंगू के कुल 12 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 7 मरीज शहरी और 5 ग्रामीण क्षेत्र से हैं। रिपोर्ट में 7 महिला और 5 पुरुष मरीज दर्ज हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रोहतक में डेंगू के कुल 12 मामले सामने आए हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 7 और ग्रामीण क्षेत्र के 5 मरीज शामिल हैं। राहत की बात यह है कि रिपोर्ट में 7 सितंबर को कोई नया डेंगू केस दर्ज नहीं किया गया है। इसके बावजूद अचानक बढ़े मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष 2025 में जिले में डेंगू के 205 मामले सामने आए थे।
शहर से गांव तक डेंगू की दस्तक
डेंगू के मामले रोहतक के अलग-अलग इलाकों में सामने आए हैं। रिपोर्ट में उत्तम विहार, सुखपुरा चौक, सेक्टर-3, मकडोली कलां, सेक्टर-14, सैनिक कॉलोनी, कमल कॉलोनी, शीतल नगर और शोरा कोठी समेत कई क्षेत्र दर्ज हैं। ग्रामीण इलाकों में खेड़ी साध और मदीना जिंदरान के मामले भी शामिल हैं।
पिछले साल 205 केस, इस बार अभी 12
आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल की तुलना में इस समय तक डेंगू के मामले कम हैं, लेकिन मानसून के बीच बढ़ते संक्रमण को लेकर सतर्कता जरूरी है। 2025 में जिले में 205 डेंगू केस दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में अब तक 12 मामले सामने आए हैं। वहीं इस साल अभी तक मलेरिया और चिकनगुनिया का कोई मामला रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1196 नोटिस भी जारी किए गए हैं।
घर में जमा पानी बना सबसे बड़ा खतरा
डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनप सकता है। इसलिए घरों में कूलर, गमले, बाल्टी, टंकी, छत पर रखे कंटेनर और पुराने टायरों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। कूलर की नियमित सफाई जरूरी है और पानी की टंकियों को ढककर रखना चाहिए। आसपास कहीं पानी जमा दिखाई दे तो उसे तुरंत खाली करवाना चाहिए। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
बुखार को हल्के में न लें
डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, कमजोरी और कई मामलों में उल्टी जैसे लक्षण हो सकते हैं। बारिश के मौसम में लगातार बुखार रहने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। घर और आसपास सफाई रखने के साथ मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करना ही डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है।


