रोहतक : सिखों के नौवे गुरु गुरु तेग बहादुर जी की 350 वीं शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष में स्थानीय महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में तालगढ़ प्रोडक्शन द्वारा उनकी शहादत पर आधारित भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि के रूप में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने शिरकत की। लाइट एंड साउंड के माध्यम से उनके जीवन वृतांत को इस तरह संजोया गया जैसे सभी दृश्य प्रत्यक्ष रूप से सजीव हो उठे हों।
प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु तेग बहादुर जी वह महापुरुष थे, जिन्होंने अपने शीश की कुर्बानी देकर मानवता व धर्म की स्वतंत्रता की रक्षा की थी। यह उस समय की बात है, जब जुल्म, अत्याचार और भय हर ओर फैल चुका था। लोग अपने धर्म की आजादी के लिए तरस रहे थे।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक के सदस्य सरदार करनैल सिंह, शिव शंकर पाहवा, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल, उपायुक्त सचिन गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, कुलसचिव कृष्णकांत, भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, सरदार दिलबाग सिंह, सरदार परमजीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
गुरु जी ने मानवता, धर्म व राष्ट्र की रक्षा के लिए किया सर्वस्व न्यौछावर
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि यह कार्यक्रम गुरु तेग बहादुर जी के जीवन आदर्शों, त्याग, बलिदान और अमर विरासत को समर्पित है। गुरु जी ने धर्म, मानवता और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनका बलिदान राष्ट्र की अस्मिता और एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा हरियाणा में गत एक नवंबर से गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ के उपलक्ष में विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला आरंभ की गई है। राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन 25 नवम्बर को कुरुक्षेत्र में किया जाएगा।
गुरु तेग बहादुर जी ने शीश दिया, धर्म नहीं झुकाया
कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर इसलिए कहा गया, क्योंकि वे केवल सिख धर्म के नहीं, बल्कि पूरे भारत की अस्मिता की ढाल बन गए थे। दिल्ली के चांदनी चौक में जब उन्होंने अपना शीश बलिदान किया, तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति की आजादी के लिए किया था। उनका संदेश था निडर बनो, डर से मुक्त रहो, और सच्चाई के मार्ग पर चलो, ऐसे संदेश को हमें आत्मसात करना चाहिए। गुरु तेग बहादुर जी ने सिर दिया, लेकिन धर्म नहीं झुकाया। उनका यह बलिदान हमें यह सिखाता है कि सत्य का मार्ग कठिन हो सकता है, पर वही अमरता का मार्ग है।
शहादत को भुलाने वालों को समय नहीं करता माफ : लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह
लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि देश व समाज के लिए धर्म के नाम पर शहादत देने वालों को भुलाने वालों को समय माफ नहीं करता। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में देश में भाईचारा मजबूत था तथा विदेशी आक्रमणकारियों ने देश के धन को लूटने के साथ-साथ देश की संस्कृति पर भी प्रहार किए। इन आक्रमणकारियों ने धर्म परिवर्तन करवाने के नाम पर अनेक अत्याचार किए। देश छोटे-छोटे टुकड़ों में बटा हुआ था तथा धन धान्य से संपन्न था। भारतवर्ष को स्वर्ग माना जाता था। औरंगजेब ने धर्म परिवर्तन करवाने के लिए देशवासियों पर अनेक अत्याचार किए। नौवें श्री गुरु तेग बहादुर जी ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश कुर्बान कर दिया। उन्होंने उपस्थितगण का आह्वान किया कि वर्तमान पीढ़ी को ऐसे गुरुओं की सर्वोच्च कुर्बानियों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी ऐसी ही शक्तियां उभर रही है। आज हमें अपने देश व सनातन धर्म को सुदृढ़ करने का संकल्प लेना है।

