गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक : जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बच्चों की सेहत पर खतरा भी बढ़ता जा रहा है। लगातार बढ़ती गरमी के कारण बच्चे बीमार होना शुरू हो गए हैं।
पिछले एक सप्ताह में सिविल अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। एक सप्ताह से हर रोज करीब 8 से 10 बच्चे सिर्फ गर्मी से होने वाली बीमारी के आ रहे हैं।

पीजीआईएमएस में भी यही हाल है, यहां 15 से 20 बच्चे आ रहे हैं जिन्हें गर्मी के कारण समस्या हुई है। इनमें उल्टी-दस्त, टाइफाइड और पीलिया के मरीज ज्यादा हैं। बुखार और पेट दर्द से पीड़ित बच्चे भी आ रहे हैं।
सोमवार की बात करें तो तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले सप्ताह में पारा 41 डिग्री को छू गया था। इस सप्ताह और भीषण गर्मी रहने की संभावना है। तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, और सप्ताह के अंत में पारा और बढ़ सकता है, हीटवेव चलेगी। मतलब ये है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी, इसलिए अपने बच्चों को संभालकर रखें और धूप के समय बाहर न जानें दें।
बच्चों को हो सकती हैं ये बीमारियां
चूंकि इस सप्ताह तापमान और बढ़ेगा, लू चलेगी इसलिए गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण बच्चों को लू लग सकती है। गर्मी के मौसम में सबसे बड़ा खतरा लू का होता है। ज्यादा देर धूप में रहने से बच्चे को तेज बुखार, चक्कर और उल्टी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी भी आम है, क्योंकि बच्चे खेलते समय पसीना ज्यादा बहाते हैं। गर्मियों में खाना जल्दी खराब हो जाता है, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। उल्टी, दस्त और पेट दर्द हो सकता है।
ऐसे करें बचाव
- बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं
- नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे ड्रिंक्स शामिल करें
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने दें
- बाहर जाते समय टोपी या छाता जरूर दें
- ताजे फल और घर का बना खाना खिलाएं
- रोज नहलाएं और साफ कपड़े पहनाएं
- हाथ धोने की आदत जरूर डालें
- घर में वेंटिलेशन अच्छा रखें
- ज्यादा गर्मी में कूलर/फैन का इस्तेमाल करें
दो सप्ताह से बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है वैसे-वैसे बच्चों में बीमारी भी बढ़ रही है। पिछले दो सप्ताह से बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। गर्मी के मौसम में बच्चों का शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है, इसलिए उन्हें बार-बार पानी और तरल पदार्थ देना बेहद जरूरी है। छोटे बच्चों को धूप में बिल्कुल न निकलने दें, खासकर दोपहर 12 से 4 बजे के बीच। अगर बच्चा सुस्त दिखे, बार-बार उल्टी करे या बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। -डॉ. रोहित कपूर, बाल रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, रोहतक

